भाजपा शासन में हिंसा व दुराचार की घटनाओं में भारी वृद्धि: अखिलेश
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प्रदेश में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से हिंसा व दुराचार की घटनाएं बेतहाशा बढ़ी हैं। उत्पीड़न व मानसिक तनाव की वजह से अधिकारी-कर्मचारी जान दे रहे हैं। ये बातें शुक्रवार को सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कही।
उन्होंने एक बयान जारी कर कहा, प्रदेश में महिलाएं व बच्चियां असुरक्षित हैं, तो वहीं, किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर हैं। अराजकता व जंगलराज से हर कोई सहमा हुआ है। यादव ने कहा कि पिछले पांच महीनों में दो आईपीएस अधिकारी राजेश साहनी व सुरेंद्र दास और एसडीएम हेमेंद्र कुमार ने जान दे दी।
हाल ही बाराबंकी में तैनात कांस्टेबल मोनिका ने फांसी लगा ली। तो केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री शिवप्रताप शुक्ल की ड्यूटी में तैनात दरोगा तार बाबू तरुण ने खुद को गोली मार ली। जबकि बांदा में तैनात कांस्टेबल नीतू शुक्ला का शव थाना परिसर में मिला। वहीं, केंद्र में भाजपा राज में 50 हजार किसान आत्महत्या कर चुके हैं।
खौफ में जी रहे लखनऊवासी
अखिलेश ने कहा, राजधानी में लोग खौफ में जी रहे हैं। विवेक तिवारी हत्याकांड के बाद 3 अक्तूबर को ठाकुरगंज में दो सगे भाइयों की हत्या, विदेशी सैलानियों की बस पर हमला कर लूटपाट, शहीद पथ पर लूट व अपहरण की वारदातें हुई। 4 अक्तूबर को गोमतीनगर की एक युवती को अगवा कर दुष्कर्म किया गया। जब राजधानी में कानून-व्यवस्था इतनी बदहाल है तो अन्य जिलों की स्थिति क्या होगी, इसकी कल्पना भर से डर लगता है।