अखिलेश बने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, शिवपाल की कुर्सी गई, अमर बाहर
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रविवार को लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित हुए सपा के आपातकालीन राष्ट्रीय अधिवेशन में ये फैसले किए गए है। इन फैसलों से एक बार फिर से पार्टी में भूचाल आ गया है।
राष्ट्रीय अधिवेशन में पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ये प्रस्ताव लाए, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। गौरतलब है कि मुलायम की चेतावनी के बावजूद पार्टी के बड़े नेता अधिवेशन में शामिल हुए।
अधिवेशन में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरनमय नंदा, वरिष्ठ नेता नरेश अग्रवाल सहित पार्टी विधायक व समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
इसके पहले मुलायम ने पार्टी अधिवेशन को असंवैधानिक बताते हुए रद्द कर दिया। उन्होंने पत्र जारी करते हुए चेतावनी दी कि जो भी नेता व कार्यकर्ता अधिवेशन में शामिल होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
साजिश करने वालों को कामयाब नहीं होने दूंगा
वहीं, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि मेरे दिल में नेताजी का बहुत सम्मान है लेकिन कुछ लोग उनसे मिलकर के न जाने क्या-क्या फैसले करवा रहे हैं। एक बेटा होने के नाते मेरी ये जिम्मेदारी है कि मैं ऐसे लोगों को रोकूं।
अखिलेश ने कहा कि अभी चुनाव आने वाले हैं। कुछ लोग चाहते हैं कि ये सरकार न आए लेकिन हमने खूब काम किया है और ऐसे लोगों को कामयाब नहीं होने देंगे।