{"_id":"610179c3196e7e0b7b5b1e51","slug":"akhilesh-yadav-said-removed-the-word-samajwadi-before-the-ambulance-then-changed-the-agency-now-the-employees-are-being-removed","type":"story","status":"publish","title_hn":"अखिलेश यादव बोले, एंबुलेंस से पहले समाजवादी शब्द हटाया, फिर एजेंसी बदली, अब हटा रहे कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अखिलेश यादव बोले, एंबुलेंस से पहले समाजवादी शब्द हटाया, फिर एजेंसी बदली, अब हटा रहे कर्मचारी
Wed, 28 Jul 2021 09:07 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 28 Jul 2021 09:07 PM IST
सार
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा है कि भाजपा सरकार में लोगों की जान की कोई कीमत नहीं है। स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बद से बदतर होती जा रही है।
विज्ञापन
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार में लोगों की जान की कोई कीमत नहीं है। स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बद से बदतर होती जा रही है। कोरोना संक्रमण से हुई मौतों का कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। टीकाकरण अभियान सुस्त पड़ गया है। एंबुलेंस कर्मी हड़ताल पर हैं। इससे लोग परेशान हैं और इलाज के लिए कराह रहे हैं।
उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार ने मरीजों की सुविधा के लिए 108 और 102 एंबुलेंस सेवा शुरू की। भाजपा सरकार ने बदले की भावना से एंबुलेंस सेवा से समाजवादी शब्द हटाया और अब उसे तबाह करने पर तुली है। पहले से चलाने वाली एजेंसी को बदल कर दूसरी एजेंसी को संचालन करने की जिम्मेदारी दी जा रही है। पुराने कर्मचारियों की छंटनी कर नई भर्ती करने और अपनी शर्तों पर काम कराने का दबाव बनाया जा रहा है। इससे एंबुलेंसकर्मी हड़ताल पर हैं। मरीज को ट्रैक्टर, रिक्शे और गोद में लेकर लोग अस्पताल पहुंचे रहे हैं। इसी तरह अन्य विभागों में संविदा कर्मियों को समय पर मानदेय नहीं दिया जा राह है। 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण न देकर पिछड़ोंए दलितों का रोजगार छीन लिया गया है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार ने मरीजों की सुविधा के लिए 108 और 102 एंबुलेंस सेवा शुरू की। भाजपा सरकार ने बदले की भावना से एंबुलेंस सेवा से समाजवादी शब्द हटाया और अब उसे तबाह करने पर तुली है। पहले से चलाने वाली एजेंसी को बदल कर दूसरी एजेंसी को संचालन करने की जिम्मेदारी दी जा रही है। पुराने कर्मचारियों की छंटनी कर नई भर्ती करने और अपनी शर्तों पर काम कराने का दबाव बनाया जा रहा है। इससे एंबुलेंसकर्मी हड़ताल पर हैं। मरीज को ट्रैक्टर, रिक्शे और गोद में लेकर लोग अस्पताल पहुंचे रहे हैं। इसी तरह अन्य विभागों में संविदा कर्मियों को समय पर मानदेय नहीं दिया जा राह है। 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण न देकर पिछड़ोंए दलितों का रोजगार छीन लिया गया है।
विज्ञापन