Lucknow: अखिलेश यादव ने पुलिस मुख्यालय में चाय पीने से किया इनकार, बोले- जहर मिला दिया तो... हमें भरोसा नहीं
सपा कार्यकर्ता व ट्विटर एडमिन की गिरफ्तारी के विरोध में अखिलेश यादव रविवार को पुलिस मुख्यालय पहुंच गए और वहीं बैठ गए। जब उन्हें अधिकारियों से चाय ऑफर की तो उन्होंने मना कर दिया। अखिलेश ने कहा कि हमें आप पर भरोसा नहीं है... कहीं जहर मिला दिया तो...।
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विस्तार
सपा प्रमुख अखिलेश यादव पार्टी के ट्विटर संचालक की गिरफ्तारी से काफी भड़के थे। वहीं, सिग्नेचर बिल्डिंग में मौजूद कुछ पुलिस अधिकारी उनकी सत्कार में जुटे थे। पूर्व मुख्यमंत्री को पुलिस अधिकारियों ने चाय की पेशकश की। इस पर उन्होंने कहा कि हम अपनी चाय पीयेंगे। तुम लोगों पर भरोसा नहीं है...। क्या पता चाय में जहर दे दो। हम और हमारे कार्यकर्ता खुद चाय मंगाकर पी लेंगे।
मनीष की गिरफ्तारी के बाद अखिलेश सुबह करीब 11 बजे सीधे पुलिस मुख्यालय सिग्नेचर बिल्डिंग पहुंचे थे। उनके साथ कुछ पार्टी समर्थक व प्रमुख नेता भी मौजूद थे। पुलिस मुख्यालय पर काफी देर तक कोई जिम्मेदार अधिकारी न पहुंचने पर अखिलेश ने नाराजगी जताई। वहां मौजूद पुलिसवालों को खरी-खोटी सुनाई। धीरे-धरे मौके पर सपाइयों की भीड़ बढ़ती गई। पुलिस ने सभी को मेन गेट पर रोक दिया। इससे नाराज होकर सभी नारेबाजी करते हुए सड़क पर बैठ गए। इसी बीच आसपास के थानों की पुलिस बुला ली गई और हर तरफ बैरिकेडिंग कर दी गई। पुलिस व सपा कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक नोंकझोंक चलती रही। सपा कार्यकर्ता बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। इस पर उन्हें खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठी भांजी।
#WATCH समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने पुलिस मुख्यालय में चाय पीने से इंकार किया।
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उन्होंने कहा,"हम यहां की चाय नहीं पियेंगे। हम अपनी (चाय) लाएंगे, कप आपका ले लेंगे। हम नहीं पी सकते, ज़हर दे दोगे तो? हमें भरोसा नहीं। हम बाहर से मंगा लेंगे।"
(वीडियो सोर्स: समाजवादी पार्टी) pic.twitter.com/zwlyMp8Q82 — ANI_HindiNews (@AHindinews) January 8, 2023
गोसाईंगंज जेल गये मिलने
पुलिस मुख्यालय सिग्नेचर बिल्डिंग से निकलकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सीधे गोसाईंगंज जिला जेल गये। वहां काफी देर तक जिला कारागार केकार्यालय में बैठे रहे। इसके बाद मनीष अग्रवाल से मुलाकात की। वहीं अपने प्रमुख कार्यकर्ताओं से जमानत कराने का निर्देश दिया। करीब एक घंटे रूकने केबाद वह वापस चले गये। इस दौरान जेल के बाहर भी सैकड़ों कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटी रही।