यूपी की पुलिस क्या अब दिखाएगी अपनी वर्दी का डर?
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यूपी की कानून व्यवस्था को लेकर अखिलेश यादव थोड़े चिंतित और थोड़े संतुष्ट दिखे। उन्होंने यूपी पुलिस को कुछ नई समझाइश देने के साथ उनका हौसला भी बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने कहा-पुलिस अपराधियों में खौफ और आमजन में अपने लिए सम्मान पैदा करे। जब तक अपराधियों के मन में वर्दी का खौफ नहीं होगा अपराधी डरेंगे नहीं।
उन्होंने कहा कि बेहद मुश्किल हालात में भी पुलिस को अपना काम करना होता है और यूपी पुलिस बहुत अच्छा काम कर रही है। प्रदेश सरकार पुलिसकर्मियों की समस्याओं को समझती है और उसके समाधान की दिशा में लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को अपने सरकारी आवास से पुलिस विभाग की 1056 नई जीपों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने कहा, सपा सरकार ने जितने प्रमोशन किए हैं, उतने पहले कभी नहीं हुए। कांस्टेबल से लेकर ऊपर तक के पदों पर खूब प्रमोशन हुए हैं।
पुलिस आधुनिकीकरण के लिए भी सरकार ने काफी काम किया है। हालांकि अभी बहुत काम करना बाकी है। कानून-व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त करना है। सिपाहियों की सुविधाओं के लिए भी काम करना होगा। पुलिस थानों की हालत खस्ता है।
पुलिस करती है कठिन स्थितियों में काम
पुलिस कर्मियों का हौसला बढ़ाते हुए सीएम ने कहा कि पुलिस के लोग सबसे कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं। हर तरफ से इन्हें धमकी भी मिलती है। न ठीक से खाने का समय है और न ही रहने की अच्छी सुविधा है। सरकार इस दिशा में भी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार लोकतांत्रित व उदारवादी है। कोई भी हम तक पहुंचकर अपनी बात कह सकता है।
मुख्यमंत्री ने डीजीपी अरविंद कुमार जैन की तारीफ की। उन्होंने कहा, डीजीपी साहब को कम मौका दिया, लेकिन उन्होंने कम समय में ही काफी अच्छे काम करके दिखा दिए। इससे पहले जैन ने भी मुख्यमंत्री की तारीफ करते हुए कहा कि पांच महीने के कार्यकाल में मैं जो भी काम लेकर गया मुख्यमंत्री ने कभी मना नहीं किया। पुलिस के हित में उन्होंने सारे प्रस्तावों को तत्काल हरी झंडी दी। मुख्यमंत्री के उत्साहवर्द्धन से ही पुलिस अपराध नियंत्रण के लिए काफी अच्छा काम कर रही है।
मुख्यमंत्री अखिलेश ने एक बार फिर मीडिया पर निशाना साधते हुए कहा, यूपी की घटनाओं को खूब बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है। उन्होंने महाराष्ट्र का नाम लिए बगैर कहा कि पिछले दिनों एक प्रदेश में 100 लोगों की जान गई। लेकिन वहां के मुख्यमंत्री की कोई तस्वीर मीडिया वालों ने नहीं दिखाई। न ही उनका कोई बयान चलाया। जबकि यूपी की छोटी घटनाओं को भी मीडिया बड़ा करके दिखाती है। पुलिस व सरकार की स्थिति एक जैसी है। दोनों के अच्छे कामों की तारीफ नहीं होती है लेकिन बुरे कामों को प्रचार-प्रसार खूब होता है।
एक हजार थानों में अब दो-दो वाहन
डीजीपी अरविंद कुमार जैन ने कहा कि यह वाहन 54 करोड़ रुपये से खरीदे गए हैं। इनसे सूबे के एक हजार थानों में अब दो-दो चौपहिया वाहन हो जाएंगे। इससे पुलिस को घटनास्थल पर पहुंचने में पहले से काफी कम समय लगेगा।
उन्होंने बताया कि 526 और वाहनों की मांग पुलिस ने सरकार से की है। इसके लिए 37 करोड़ रुपये मांगे गए हैं। ड्राइवरों के चार हजार पद खाली हैं इन पर भी भर्ती की इजाजत सरकार से मांगी है। उन्होंने बताया कि ग्राम चौकीदारों को भी सरकार साइकिल व परिचयपत्र देने जा रही है।
प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पंडा ने कहा कि सरकार पुलिस आधुनिकीकरण के लिए काफी काम कर रही है। पिछले साल 12,500 करोड़ रुपये बजट था। इस साल इसे बढ़ाकर 14,500 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि यूपी पुलिस के तीन लाख पद स्वीकृत हैं। जबकि इस समय मात्र 1.5 लाख पुलिस कर्मी ही मौजूद हैं। सरकार भर्ती की दिशा में भी तेजी से काम कर रही है।