सपा का चुनावी वादा: अखिलेश बोले- 2022 में सरकार बनने पर 25 लाख रुपये की किसान शहादत सम्मान राशि देंगे
अखिलेश यादव ने यूपी विधानसभा को लेकर बड़ा एलान किया है। उन्होंने कहा कि 2022 में सरकार बनने पर 25 लाख रुपये की 'किसान शहादत सम्मान राशि' देंगे।
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा फर्जी वोट बनाकर चुनाव की पवित्रता नष्ट करना चाहती है। यही वजह है कि जोड़े गए और काटे गए नामों की सूची देने में आनाकानी की गई। आयोग ने सूची देने का निर्देश दिया है, लेकिन अभी तक जिले में यह सूची जारी नहीं की गई है। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं को सावधान रहना होगा। हर वोट पर निगाह रखनी होगी। गांव- गांव तक समाजवादी सरकार की उपलब्धियां पहुंचाने में कोई चूक नहीं होनी चाहिए। वह बुधवार को लोहिया सभागार में पार्टी पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2022 में होने वाले चुनाव जनता के लिए महत्वपूर्ण है। भाजपा लोकतंत्र को हराना चाहती है। लेकिन उनकी जन विरोधी नीतियों की वजह से जनता का रुझान सपा की ओर है। समाजवादी पार्टी जनता के लिए सरकार बनाना चाहती है। महंगाई और भ्रष्टाचार से हर कोई परेशान है। नोटबंदी और जीएसटी ने अर्थव्यवस्था को बिगाड़ कर रख दिया है। महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ दी है। नौजवान बेरोजगारी से परेशान है। सोयाबीन तेल और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में मिलावट की जा रही है। किसानों को न एमएसपी मिल रही है और नहीं उसका गन्ना बकाया मिल रहा है।
दम तोड़ने वाले किसानों के परिजनों को 25-25 लाख की मदद
सपा ने किसान आंदोलन के दौरान दम तोडने वाले किसानों के परिजनों को 25-25 लाख की मदद करने की घोषणा की। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर यह एलान किया। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि सपा अध्यक्ष ने हमेशा किसानों की समस्याओं का निस्तारण किया है। सपा सरकार बनने ही पिछले एक वर्ष में आंदोलन करते हुए दम तोड़ने वाले किसानों के परिजनों को 25- 25 लाख रुपये की सम्मान राशि देगी। अखिलेश यादव हमेशा किसानों के प्रति संवेदनशील रहे हैं। पिछली समाजवादी सरकार में किसान हित में कई कल्याणकारी योजनाओं को लागू किया था।
किसानों की उपज का मूल्य बढ़ाने, मुफ्त सिंचाई, खाद बीज की पर्याप्त उपलब्धता सहित अन्नदाता के लिए सस्ती बिजली दिलाने के लिए ठोस नीतियां समाजवादी सरकार की ही देन है। किसान आंदोलन के समर्थन में समाजवादी पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं ने पूरी निष्ठा ईमानदारी से कृषि कानून का विरोध किया। आंदोलनरत समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं को भाजपा सरकार ने प्रदेशभर में मुकदमों में फंसाया है। कई लोगों को जेल भेजा गया।
सपा के पदाधिकारी मनोनीत
सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने लखनऊ के ठाकुरगंज निवासी रजिया नवाज को राज्य कार्यकारिणी में प्रदेश सचिव नामित किया है। समाजवादी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप तिवारी ने गौतमबुद्ध नगर के योगेश भाटी, दिबियापुर के कल्लू यादव सुधीर, बस्ती के इं प्रवीण पाठक को राष्ट्रीय सचिव मनोनीत किया है। शिक्षक सभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ मान सिंह यादव ने लखनऊ कें डॉ अफरोज आलम को प्रदेश सचिव नामित किया है।
सपा सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष काशीनाथ यादव ने गाजीपुर के पारस नाथ यादव और वाराणसी के सियाराम यादव को राष्ट्रीय सचिव मनोनीत किया गया है। समाजवादी युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद फहद ने रायबरेली के डॉ अमिताभ कुमार पांडेय को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, कानपुर के संजय सेंगर को राष्ट्रीय प्रवक्ता, लखनऊ के सुशील यादव, मऊ से सैफ खान, आजमगढ़ के मनोज यादव, बहराइच के अजय सिंह, गोंडा के सहदेव पांडेय को राष्ट्रीय सचिव और हापुड़ के साजिद चौधरी को कार्यकारिणी सदस्य मनोनीत किया है।
बस्ती और बरेली के प्रभारी नियुक्त
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिद्धार्थ सिंह को बस्ती एवं समाजवादी छात्र सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा यादव को बरेली जिले का मतदाता पुनरीक्षण अभियान प्रभारी नियुक्त किया है। दोनों को बूथवार मतदाताओं के नाम जोड़वाने और गलत नाम कटवाने की जिम्मेदारी दी है।