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अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार से पूछा- 15 दिन में गन्ना मूल्य भुगतान के वादे का क्या हुआ ?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 28 Sep 2018 10:44 AM IST
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अखिलेश यादव व योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने किसानों, खासतौर से गन्ना किसानों से वादाखिलाफी पर भाजपा सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने पूछा कि 15 दिन में गन्ना मूल्य भुगतान कराने के वादे का क्या हुआ? नया पेराई सत्र शुरू होने वाला है लेकिन चीनी मिलों पर किसानों का 10 हजार करोड़ से ऊपर गन्ना मूल्य बकाया है। सरकार पैकेज देकर मिल मालिकों की थैलियां भरने में लगी हैं। किसानों को न तो बकाया मूल्य का भुगतान कराया और न ही विलंब से भुगतान पर ब्याज दिलाया।
अखिलेश ने एक बयान में कहा, भाजपा सरकार किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वाली सरकार है। उसने सरकार बनते ही कर्जमाफी और 15 दिनों के अंदर गन्ना किसानों के बकाया भुगतान का वादा किया था। कर्जमाफी के नाम पर किसानों को बड़ा धोखा मिला। अक्तूबर में नया गन्ना पेराई सत्र भारी-भरकम बकाये के साथ शुरू होगा।
सीजन प्रारंभ होते समय मिलों पर इतनी बड़ी बकाया राशि पहले कभी नहीं रही। भाजपा सरकार की नीतियां किसानों के पक्ष में न होकर मिल मालिकों को समर्थन व संरक्षण देने वाली हैं। किसानों का गन्ना मूल्य मय ब्याज के उनके खाते में सीधे भेजना चाहिए था।
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उन्होंने पूछा, वह कौन सी जादू की छड़ी है जिससे 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुना हो जाएगी। उन्होंने सत्ता संभालते ही गन्ना मूल्य में 40 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की थी। किसानों के लिए मंडियों की स्थापना शुरू कराई। मुफ्त सिंचाई की सुविधा दी। भाजपा ने किसान हित की सभी व्यवस्थाएं खत्म कर दी।
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अखिलेश ने एक बयान में कहा, भाजपा सरकार किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वाली सरकार है। उसने सरकार बनते ही कर्जमाफी और 15 दिनों के अंदर गन्ना किसानों के बकाया भुगतान का वादा किया था। कर्जमाफी के नाम पर किसानों को बड़ा धोखा मिला। अक्तूबर में नया गन्ना पेराई सत्र भारी-भरकम बकाये के साथ शुरू होगा।
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सीजन प्रारंभ होते समय मिलों पर इतनी बड़ी बकाया राशि पहले कभी नहीं रही। भाजपा सरकार की नीतियां किसानों के पक्ष में न होकर मिल मालिकों को समर्थन व संरक्षण देने वाली हैं। किसानों का गन्ना मूल्य मय ब्याज के उनके खाते में सीधे भेजना चाहिए था।
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उन्होंने पूछा, वह कौन सी जादू की छड़ी है जिससे 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुना हो जाएगी। उन्होंने सत्ता संभालते ही गन्ना मूल्य में 40 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की थी। किसानों के लिए मंडियों की स्थापना शुरू कराई। मुफ्त सिंचाई की सुविधा दी। भाजपा ने किसान हित की सभी व्यवस्थाएं खत्म कर दी।