फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Akhilesh Yadav and Arvind Kejriwal want to give a strong message to people for 2024 election.

AAP-SP meet: सपा-आप के लिए कई मायनों में खास है यह रणनीतिक मुलाकात, जनता को संदेश देने की है रणनीति

Thu, 08 Jun 2023 10:23 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 08 Jun 2023 10:23 AM IST
सार

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व दिल्ली के सीएम केजरीवाल की इस मुलाकात के खास मायने हैं। दोनों नेता जनता को एक मनोवैज्ञानिक संदेश देना चाहते हैं।

विज्ञापन
Akhilesh Yadav and Arvind Kejriwal want to give a strong message to people for 2024 election.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala

विस्तार

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुलाकात कई मायनों में अहम है। इसके जरिये जहां केजरीवाल दिल्ली में अधिकारियों के तबादलों को लेकर लाए गए अध्यादेश के खिलाफ विपक्ष को लामबंद करना चाहते हैं, वहीं अखिलेश भी जनता को यह संदेश देना चाहते हैं कि भाजपा से लड़ाई में उनकी पार्टी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

विज्ञापन


जाहिर है कि अगर यह अध्यादेश राज्यसभा में गिर गया तो विपक्ष को यह मनोवैज्ञानिक संदेश कि भाजपा अपराजेय नहीं है, जनता को देने का अवसर मिलेगा। अगर कम मतों के अंतर से भी यह विधयेक राज्यसभा में पास होता है, तो भी विपक्ष के रणनीतिकार मानते हैं कि वे यह संदेश देने में सफल होंगे कि अपनी एकता को मजबूत कर भाजपा को चुनौती दी जा सकती है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - भाजपा ने संगीत सोम की रैली से किया किनारा, क्षेत्रीय अध्यक्ष ने कहा, कोई व्यक्ति अपना एजेंडा चला रहा
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - जाटव और आदिवासी जातियों के बीच पैठ बढ़ाएगा संघ, जातियों को प्रतिनिधित्व देने का प्लान


केजरीवाल पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव समेत विपक्ष शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और विपक्ष के अन्य नेताओं से मिल चुके हैं। यूपी में भाजपा के खिलाफ मुख्य विपक्षी दल सपा ही है। इसलिए इस लड़ाई में उन्होंने सपा अध्यक्ष से भी समर्थन मांगा है।

सूत्रों के मुताबिक, पटना में विपक्षी नेताओं की जो बैठक निकट भविष्य में होने जा रही है, उस लिहाज से भी यह मुलाकात अहम है। इस बैठक में आप और सपा के शीर्ष नेतृत्व का शामिल होना तय है। इस बैठक में लोकसभा चुनाव को लेकर विपक्ष की संयुक्त रणनीति बनाने की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।

जाहिर है एक साथ बैठने से पहले प्रमुख विपक्षी नेताओं का इस तरह से मिलना उस अभियान को मजबूती दे सकता है। इसी तरह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव अलग-अलग राज्यों में जाकर नेताओं से मिल रहे हैं, ताकि भाजपा को लोकसभा चुनाव में कड़ी चुनौती दी जा सके। अब इस लक्ष्य में ये क्षेत्रीय शक्तियां कितना सफल होती हैं, यह तो भविष्य ही बताएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed