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शिक्षा संस्थानों का जितना राजनीतिकरण भाजपा ने किया उतना किसी ने नहीं: अखिलेश यादव

Tue, 19 Jan 2021 08:49 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 19 Jan 2021 08:49 PM IST
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Akhilesh Yadav addresses a press conference in Lucknow
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार राजनैतिक द्वेष की भावना से कार्रवाई करने में नंबर वन है। शिक्षा में राजनैतिक हस्तक्षेप ठीक नहीं है। शिक्षण संस्थाओं पर कब्जे के विरोध में आवाज उठाने वालों पर एनएसए लगाया जा रहा है। सपा सरकार बनने पर जौहर यूनिवर्सिटी को उससे बेहतर विश्वविद्यालय बनाएंगे। यह सब सरकार इसलिए कर रही है कि उसे अपना काम न बताना पड़े। वह मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में सीतापुर, बलरामपुर, फर्रुखाबाद और बरेली के पूर्व प्रधान, पूर्व ब्लॉक प्रमुख और पूर्व भाजपा पदाधिकारी को पार्टी की सदस्यता दिलाने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे।
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अखिलेश ने कहा कि प्रदेश बेरोजगारी, फर्जी एनकाउंटर, नकली शराब से होने वाली मौतों, खराब स्वास्थ्य सेवाओं, रेप पीड़िताओं को न्याय न दिला पाने, हंगर इंडेक्स और संप्रदायिक हिंसा में नंबर एक है। उन्होंने विधान परिषद चुनाव में दोनों प्रत्याशियों की जीत पर कहा कि यह भाजपा का वॉक ओवर नहीं है। बीजेपी के कई विधायक क्रॉस वोटिंग के लिए तैयार थे। हमने गलती से तीसरा कैंडीडेट नहीं लड़ाया। मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए वेब सीरीज ‘तांडव’ पर पूरी सरकार तांडव मचा रही है। हालांकि उन्होंने अभी फिल्म नहीं देखी है। सरकार गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों की बात मान ले।
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संविधान के लिए इससे बड़ा सम्मान और कुछ नहीं हो सकता। विधान परिषद में सावरकर की फोटो लगाने पर हो रहे विवाद पर उन्होंने कहा कि देश की आजादी में किसका योगदान रहा है इस पर बहस जरूर होनी चाहिए। ऐसे लोग भी हैं जिनपर कई आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने राम मंदिर निर्माण पर कहा कि हम हिंदू परंपरा की वैदिक, पुरानी चीजों के मानने वाले हैं। हम किस भगवान की पूजा करते हैं इसका किसी से क्या मतलब है। उन्होंने कहा कि देख लीजिएगा, जनहित के मामले निपटाने में सरकार के सर्वे में फिसड्डी डेढ़ दर्जन अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
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