Lucknow : यज्ञ में शामिल होने पहुंचे अखिलेश को दिखाए काले झंडे, हिंदुवादी संगठनों और सपा समर्थकों में नोकझोंक
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा धर्म की ठेकेदार नहीं हो सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग पिछड़ों व दलितों को शूद्र मानते हैं। उनको यह तकलीफ है कि हम उनके धार्मिक स्थानों पर गुरुओं, संतों का आशीर्वाद लेने के लिए क्यों जा रहे हैं?
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झूलेलाल वाटिका में चल रही 108 कुंडीय मां पीतांबरा देवी महायज्ञ में शामिल होने के लिए शनिवार दोपहर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पहुंचे। उनके पहुंचते ही भाजपा व भाजयुमो समेत अन्य हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता पहुंच गए और अखिलेश का विरोध कर उनको काले झंडे दिखा नारेबाजी करने लगे। अखिलेश के साथ मौजूद उनके समर्थकों की हिंदूवादी संगठन के लोगों से जमकर नोकझोंक हुई। जानकारी होने पर पुलिस के उच्चाधिकारी अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे तब जाकर मामला शांत हुआ।
महायज्ञ में अखिलेश यादव के पहुंचने की सभी को जानकारी थी। उनके पहुंचने से पहले ही हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता वहां जुट गए। अखिलेश जैसे ही वहां पहुंचे हिंदूवादी संगठनों के लोग बीच सड़क पर आकर उनकी गाड़ी को रोक लिया और काले झंडे दिखाने लगे। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनको हटाने का प्रयास किया तो भी वह नहीं माने। अखिलेश के सुरक्षाकर्मियों की हंगामा करने वालों की धक्कामुक्की हो गई। इससे सपाई भी भड़क गए। जानकारी पर एडीसीपी सेंट्रल राजेश कुमार श्रीवास्तव, महानगर एसीपी नेहा त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हंगामा करने वालों को वहां से बमुश्किल हटा सके।
हंगामा करने वाले हिंदूवादी संगठन के लोगों का कहना था कि सपा सनातन धर्म का अपमान कर रही है। स्वामी प्रसाद मौर्य के रामचरितमानस पर दिए गए विवादित बोल पर अखिलेश ने एक बयान तक जारी नहीं किया। इसलिए वह सभी विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे थे।
चंद मिनट में वापस लौटे अखिलेश
हंगामे के बीच अखिलेश हवन कुंड तक पहुंचे। दो चार आहुति डालने के बाद वहां से वह चले गए। उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि जानबूझकर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता नहीं की गई। हालांकि इस पर पुलिस अफसरों का कहना है कि आयोजन स्थल पर पर्याप्त पुलिसकर्मी तैनात थे। उसमें किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं बरती गई।
सपाइयों पर भी लगे आरोप
वहीं आयोजन समिति में शामिल कुछ महिलाओं ने सपाइयों पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यज्ञ में वही लोग शामिल हो सकते हैं जो धोती कुर्ता में हों। अखिलेश के साथ मौजूद सपा समर्थक धोती कुर्ता में नहीं थे। इसलिए उनको रोका गया। इस पर उन्होंने अभद्रता की। हालांकि पुलिस के पास ऐसी कोई शिकायत नहीं पहुंची।
भाजपा के लोग पिछड़ों व दलितों को शूद्र मानते हैं : अखिलेश
पूरे घटनाक्रम के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा धर्म की ठेकेदार नहीं हो सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग पिछड़ों व दलितों को शूद्र मानते हैं। उनको यह तकलीफ है कि हम उनके धार्मिक स्थानों पर गुरुओं, संतों का आशीर्वाद लेने के लिए क्यों जा रहे हैं? उन्होंने कहा कि मुझे पीतांबरा माता के महायज्ञ में बुलाने वालों को भाजपा व आरएसएस की तरफ से धमकी मिल रही है। बीजेपी ने यहां गुंडे भेजे थे जो काला झंडा लेकर विरोध कर रहे थे, जिससे मैं कार्यक्रम में न जा पाऊं, लेकिन हम समाजवादी लोग हैं गुंडों से घबराने वाले नहीं हैं।