अखिलेश बोले: इटावा में पीडीए कथा वाचकों को रात भर पीटा गया, प्रभुत्ववादी लोग इस समाज को डरा रहे हैं
Akhilesh Yadav: इटावा में गैर ब्राहाम्ण होने की वजह से एक कथा वाचक को पीटे जाने पर अखिलेश यादव ने गहरी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इसे पीडीए के साथ जोड़ा।
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सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि प्रभुत्ववादी और वर्चस्ववादी लोग लगातार पीडीए परिवार के लोगों को डरा-धमका रहे हैं। इटावा में पीडीए समाज के कथा वाचकों को रातभर पीटा गया। हरमोनियम, पैसा और चेन सब छीन लिया गया। सरकार के संरक्षण की वजह से पीडीए के लोगों का सिर मुड़वाया गया। अखिलेश ने कहा कि यह सब इसलिए हो रहा है, क्योंकि प्रदेश में सिर्फ 2500 लोग हैं, जो प्रदेश को चला रहे है।
अखिलेश यादव ने प्रदेश सपा मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि कथा वाचन को जिन्होंने व्यवसाय बना लिया, उन्हीं के कारण इटावा में कथा वाचन के अपमान की घटना हुई है। अगर पीडीए समाज से इतना ही परहेज है तो वर्चस्ववादी लोग घोषित कर दें कि पीडीए परिवार की दक्षिणा कभी स्वीकार नहीं करेंगे। जिस तरह से दावा करते हैं कि धारा 370 खत्म की, उसी तरह से देश में कानून लेकर आएं कि कथा वाचन का काम वर्चस्ववादी ही कर सकते हैं और कोई नहीं कर सकता है।
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रभुत्ववादी लोग कभी घर को और कभी मंदिर को गंगाजल से धुलवाकर पीडीए समाज को अपमानित करते हैं। कथा वाचकों पर हमला कर वर्चस्ववादी लोग अब तो सीमा लांघ गए हैं। उन पर पेशाब करा रहे हैं और पिटाई कर रहे है। भाजपा राज में पीडीए समाज को हेय दृष्टि से देखा जाता है। देश की सर्वोच्च कुर्सी पर बैठी देश की राष्ट्रपति के साथ भी कभी अपमान हुआ था। भाजपा सरकार में अन्याय, अत्याचार की घटनाएं कोई एक-दो नहीं अनगिनत हैं। इससे पहले राज्यसभा सदस्य रामजी लाल सुमन ने कहा कि पिछड़ी और दलित जाति के कथा वाचकों को जानबूझकर अपमानित किया गया। इस अवसर पर राजेंद्र चौधरी भी मौजूद रहे।
इटावा के कथावाचको को 51-51 हजार रुपये देकर किया सम्मानित
इटावा में पीटे गए कथावाचकों प्रदेश सपा मुख्यालय पर बुलाकर सम्मानित किया गया। जिसकी ढोलक छीनी गई, उन्हें अखिलेश यादव ने ढोलक दी। पार्टी की ओर से उन्हें 51-51 हजार रुपये देकर सम्मानित किया गया।
यह है पूरा मामला
यूपी के इटावा जिले से शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। ब्राह्मण न होने की जानकारी पर महेवा के दांदरपुर गांव में शनिवार रात ग्रामीणों ने भगवताचार्य मुकट मणी (मुक्त सिंह) व उनके सहयोगियों को पीटा। ग्रामीणों ने भगवताचार्य का सिर मुड़वाकर चोटी काट दी। नाक रगड़वाकर, गांव के लोगों के पैर छुआकर माफी मंगवाई। बाइक की हवा निकालकर दोबारा पंप से हवा भरवाई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद खलबली मच गई।
शनिवार को दांदरपुर गांव में ग्रामीणों ने श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन कराया था। इसमें भगवताचार्य मुकट मणी (मुक्त सिंह) निवासी गांव थाना सिविल लाइन को व्यास के रूप में बुलाया गया था। इनके साथ दो अन्य सहयोगी संत सिंह यादव निवासी कानपुर देहात और श्याम सिंह कठेरिया निवासी अछल्दा आए थे।