{"_id":"104c5b99e7ccbd2f9d41f67a5993453e","slug":"akhilesh-answered-in-vidhan-sabha","type":"story","status":"publish","title_hn":"अखिलेश ने माना यूपी में बढ़ा क्राइम का ग्राफ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अखिलेश ने माना यूपी में बढ़ा क्राइम का ग्राफ
अनिल श्रीवास्तव/लखनऊ
Updated Tue, 10 Dec 2013 11:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकार ने सोमवार को विधानसभा में स्वीकार किया कि इस वर्ष मार्च से अक्तूबर तक 13 जिलों में सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं हुई हैं।
विज्ञापन
ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों व पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
कांग्रेस के प्रदीप माथुर व अखिलेश प्रताप सिंह और भाजपा के डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी व सतीश महाना के एक सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बताया कि इस साल मार्च से 31 अक्तूबर के बीच सांप्रदायिक तनाव की कुल 13 घटनाएं हुई हैं।
8 सितंबर को शासनादेश जारी करके शांति भंग करने व सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाले तत्वों को चिह्नित करके उनकी गिरफ्तारी करने और शांति समितियों की बैठकें करके सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील जगहों पर फ्लैग मार्च व निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
त्योहारों पर शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी 5 अक्तूबर 13 को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
भाजपा के श्यामदेव राय चौधरी व सुरेश कुमार खन्ना के सवालों के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले 2013 में रोड होल्डअप व फिरौती के लिए अपहरण की वारदातों में कमी आई है। हालांकि अन्य वारदातों में आंशिक वृद्धि हुई है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने माना कि नेशनल क्राइम ब्यूरो की 2012 की रिपोर्ट के मुताबिक यूपी में गिरफ्तार किए गए अपराधियों में 98.9 प्रतिशत नए और बाकी पेशेवर अपराधी हैं।
प्रदेश में सपा सरकार के गठन के बाद से अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए विवाद और रंजिश को चिह्नित करके संबंधित पक्षों को पाबंद करने की कार्रवाई की गई है।
अपराधियों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराकर गुंडा एक्ट, गैंगेस्टर एक्ट व एएसए की कार्रवाई भी की गई है। महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए वीमेन पावर हेल्पलाइन 1090 शुरू की गई है।
राज्यकर्मियों की रिटायरमेंट आयु बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं
बसपा के डॉ. धर्मपाल सिंह के एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बताया कि राज्य कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष करने का कोई भी प्रस्ताव राज्य सरकार के विचाराधीन नहीं है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष किए जाने की कोई अधिकृत जानकारी नहीं है।