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अजीत हत्याकांड में शूटर मुस्तफा को पुलिस ने दिखाया लखनऊ से गिरफ्ता, पहले बागपत से एसटीएफ के गिरफ्तार करने की बात आई थी सामने
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लखनऊ। पूर्व ज्येष्ठ उप प्रमुख अजीत सिंह की हत्या में शामिल शूटर मुस्तफा उर्फ बंटी को सोमवार देर शाम को विभूतिखंड पुलिस ने गिरफ्तार करने का दावा किया है। उसे पॉलीटेक्निक चौराहे से ऑटो में बैठकर भागने की बात कही गई हैं। हालांकि 24 फरवरी को उत्तराखंड से बागपत एसओजी ने उसे दबोच लिया था। लेकिन तभी से लखनऊ व बागपत पुलिस लगातार उसे पकड़ने की बात से इनकार कर रही थी।
अजीत हत्याकांड में जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत 16 लोगों को आरोपी बनाया गया है। अजीत पर छह शूटरों ने गोलियां बरसाईं थीं। इसमें गिरधारी, मुस्तफा, संदीप सिंह बाबा, राजेश तोमर, शिवेंद्र उर्फ अंकुर सिंह और रवि यादव शामिल थे। इन शूटरों में गिरधारी को पुलिस ने 14 फरवरी को मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया था। वहीं संदीप सिंह बाबा को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद शिवेंद्र ने कोर्ट में समर्पण कर कर दिया। उधर राजेश तोमर को दिल्ली पुलिस ने अवैध पिस्तौल के साथ गिरफ्तार कर लिया। अभी एक शूटर रवि यादव फरार है। लखनऊ पुलिस ने मुस्तफा पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। उसकी तलाश में बागपत पुलिस भी थी।
बागपत में उसने तुगाना हत्याकांड को अंजाम दिया था। बागपत की एसओजी ने मुस्तफा को उत्तराखंड में उसकी महिला मित्र केघर से दबोच लिया था। लेकिन उसे पुलिस ने गिरफ्तार नहीं दिखाया था। मुस्तफा मूलरूप से हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है। वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सुनील राठी गिरोह का मुख्य शूटर है। पुलिस के मुताबिक, मुस्तफा सुनील राठी का काफी करीबी है। मुस्तफा ने अजीत सिंह की हत्या के बाद दिल्ली होते हुए देहरादून में शरण ली थी। प्रभारी निरीक्षक चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक, सोमवार देर शाम करीब 7.15 बजे मुस्तफा के बारे मे सूचना मिली कि वह पॉलीटेक्निक चौराहे से कहीं भागने के फिराक में हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर एक ऑटो से उसे दबोच लिया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
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अजीत हत्याकांड में जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत 16 लोगों को आरोपी बनाया गया है। अजीत पर छह शूटरों ने गोलियां बरसाईं थीं। इसमें गिरधारी, मुस्तफा, संदीप सिंह बाबा, राजेश तोमर, शिवेंद्र उर्फ अंकुर सिंह और रवि यादव शामिल थे। इन शूटरों में गिरधारी को पुलिस ने 14 फरवरी को मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया था। वहीं संदीप सिंह बाबा को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद शिवेंद्र ने कोर्ट में समर्पण कर कर दिया। उधर राजेश तोमर को दिल्ली पुलिस ने अवैध पिस्तौल के साथ गिरफ्तार कर लिया। अभी एक शूटर रवि यादव फरार है। लखनऊ पुलिस ने मुस्तफा पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। उसकी तलाश में बागपत पुलिस भी थी।
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बागपत में उसने तुगाना हत्याकांड को अंजाम दिया था। बागपत की एसओजी ने मुस्तफा को उत्तराखंड में उसकी महिला मित्र केघर से दबोच लिया था। लेकिन उसे पुलिस ने गिरफ्तार नहीं दिखाया था। मुस्तफा मूलरूप से हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है। वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सुनील राठी गिरोह का मुख्य शूटर है। पुलिस के मुताबिक, मुस्तफा सुनील राठी का काफी करीबी है। मुस्तफा ने अजीत सिंह की हत्या के बाद दिल्ली होते हुए देहरादून में शरण ली थी। प्रभारी निरीक्षक चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक, सोमवार देर शाम करीब 7.15 बजे मुस्तफा के बारे मे सूचना मिली कि वह पॉलीटेक्निक चौराहे से कहीं भागने के फिराक में हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर एक ऑटो से उसे दबोच लिया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
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