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मदद के लिए आजमगढ़ से बुलाया गया था शूटर बंधन सिंह
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लखनऊ। पूर्व ज्येष्ठ उप प्रमुख अजीत सिंह की हत्या में शूटरों की मदद करने के लिये बंधन को आजमगढ़ से बुलाया गया था। वारदात के दिन वह सुबह अंकुर केसाथ लखनऊ पहुंचा था। इसके बाद अन्य शूटरों से मिला था। यह बात बंधन ने मंगलवार को कस्टडी रिमांड के पहले दिन कुबूल की है। पुलिस अधिकारियों ने बंधन से चार घंटे की पूछताछ की। इसके बाद शाम सात बजे उसे जेल भेज दिया। बुधवार को भी उससे 10 घंटे की पूछताछ की जाएगी।
कठौता चौराहे पर 6 जनवरी की रात मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना के पूर्व ज्येष्ठ उप प्रमुख अजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में बंधन का नाम मददगार के तौर पर सामने आया था। बंधन ने आजमगढ़ कोर्ट में समर्पण किया था। उससे हत्या से जुड़े अहम राज जानने के लिये विभूतिखंड पुलिस ने उसे रिमांड पर लिया था। मंगलवार को सुबह नौ बजे उसे जेल से लाया गया था। प्रभारी निरीक्षक चन्द्रशेखर सिंह, डीसीपी संजीव सुमन समेत कई पुलिस अधिकारियों ने उससे पूछताछ की थी।
बंधन के मुताबिक, वह कुछ देर रोहतास प्लूमोरिया में एक अपार्टमेंट में भी रूका था। जहां सारे शूटर उससे मिले थे। वह अपनी एक दवा लेने के लिये हुसड़िया चौराहे गया था। तभी उसे अंकुर ने कॉल कर बुलाया था कि जल्दी से अवध बस स्टेशन के पास गाड़ी लेकर पहुंचो, शूटर राजेश तोमर को गोली लग गई है। इस पर वह तुरंत वहां पहुंच गया था। वहां से गोमतीनगर विस्तार स्थित अपार्टमेंट में पहुंचे। जहां उसके इलाज का इंतजाम किया गया। इसके बाद जब पुलिस ने दबिश दी तो वहां से निकल गये। जिस गाड़ी से आजमगढ़ से लखनऊ पहुंचा था। वह डस्टर कार मुंबई के व्यापारी की थी। उसे पुलिस ने बरामद कर लिया था।
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कठौता चौराहे पर 6 जनवरी की रात मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना के पूर्व ज्येष्ठ उप प्रमुख अजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में बंधन का नाम मददगार के तौर पर सामने आया था। बंधन ने आजमगढ़ कोर्ट में समर्पण किया था। उससे हत्या से जुड़े अहम राज जानने के लिये विभूतिखंड पुलिस ने उसे रिमांड पर लिया था। मंगलवार को सुबह नौ बजे उसे जेल से लाया गया था। प्रभारी निरीक्षक चन्द्रशेखर सिंह, डीसीपी संजीव सुमन समेत कई पुलिस अधिकारियों ने उससे पूछताछ की थी।
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बंधन के मुताबिक, वह कुछ देर रोहतास प्लूमोरिया में एक अपार्टमेंट में भी रूका था। जहां सारे शूटर उससे मिले थे। वह अपनी एक दवा लेने के लिये हुसड़िया चौराहे गया था। तभी उसे अंकुर ने कॉल कर बुलाया था कि जल्दी से अवध बस स्टेशन के पास गाड़ी लेकर पहुंचो, शूटर राजेश तोमर को गोली लग गई है। इस पर वह तुरंत वहां पहुंच गया था। वहां से गोमतीनगर विस्तार स्थित अपार्टमेंट में पहुंचे। जहां उसके इलाज का इंतजाम किया गया। इसके बाद जब पुलिस ने दबिश दी तो वहां से निकल गये। जिस गाड़ी से आजमगढ़ से लखनऊ पहुंचा था। वह डस्टर कार मुंबई के व्यापारी की थी। उसे पुलिस ने बरामद कर लिया था।
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