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अजीत हत्याकांड में शूटर बंधन की पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए केवल दिन की इजाजत
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लखनऊ। गोहना के ज्येष्ठ उप प्रमुख अजीत सिंह की हत्या में मुख्य भूमिका निभाने वाले गिरधारी की पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान हुई मौत से सतर्क सीजेएम सुशील कुमारी ने मामले के आरोपी बंधन सिंह उर्फ मनीष का 20 घंटे का सशर्त पुलिस कस्टडी रिमांड स्वीकृत किया है। उन्होंने कहा है कि विवेचक 23 मार्च की सुबह 9 बजे आरोपी को जेल से रिमांड पर लेकर मेडिकल कराएंगे और शाम के सात बजे फिर से मेडिकल कराकर आरोपी को जेल में दाखिल कर देंगे। विवेचक 24 मार्च की सुबह 9 बजे फिर से आरोपी को जेल से लेकर पूछताछ करेंगे और शाम को 7 बजे जेल में वापस दाखिल कर देंगे। विवेचक आरोपी को रात में अपनी कस्टडी में नहीं रख सकेंगे।
इसके पहले विवेचक ने आरोपी बंधन उर्फ मनीष को पांच दिन की रिमांड पर देने की मांग वाली अर्जी देकर कहा था कि आरोपी गत 15 मार्च से जेल में बंद है। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पिस्टलों की बरामदगी, घटना में शामिल आरोपियों के छिपने की जगह, फ्लैट का पता लगाया जाना है। कहा गया कि घटना के बाद घायल जय उर्फ राजेश तोमर को डस्टर कार से लेकर आने के रास्तों, कार को पार्किंग में छिपाने की जगह का पता किया जाना आवश्यक है।
वहीं बचाव पक्ष ने अर्जी को खारिज करने की मांग करते हुए कहा कि आरोपी को पुलिस कस्टडी में खतरा है और पुलिस उसे भी गिरधारी की तरह मार सकती है। कोर्ट ने रिमांड स्वीकृत करते हुए कहा कि विवेचक पूछताछ के दौरान आरोपी को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित नहीं करेंगे। वहीं आरोपी को जेल से निकलने और दाखिल करने के बीच की रिकॉर्डिंग करेंगे, साथ ही विवेचक आरोपी को सुरक्षा देने का शपथपत्र कोर्ट में दाखिल करेंगे।
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इसके पहले विवेचक ने आरोपी बंधन उर्फ मनीष को पांच दिन की रिमांड पर देने की मांग वाली अर्जी देकर कहा था कि आरोपी गत 15 मार्च से जेल में बंद है। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पिस्टलों की बरामदगी, घटना में शामिल आरोपियों के छिपने की जगह, फ्लैट का पता लगाया जाना है। कहा गया कि घटना के बाद घायल जय उर्फ राजेश तोमर को डस्टर कार से लेकर आने के रास्तों, कार को पार्किंग में छिपाने की जगह का पता किया जाना आवश्यक है।
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वहीं बचाव पक्ष ने अर्जी को खारिज करने की मांग करते हुए कहा कि आरोपी को पुलिस कस्टडी में खतरा है और पुलिस उसे भी गिरधारी की तरह मार सकती है। कोर्ट ने रिमांड स्वीकृत करते हुए कहा कि विवेचक पूछताछ के दौरान आरोपी को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित नहीं करेंगे। वहीं आरोपी को जेल से निकलने और दाखिल करने के बीच की रिकॉर्डिंग करेंगे, साथ ही विवेचक आरोपी को सुरक्षा देने का शपथपत्र कोर्ट में दाखिल करेंगे।
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