बुरी खबरः अब आसानी से नेपाल भी नहीं जा सकेंगे आप
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नेपाल में मधेसियों का आंदोलन फिर तेज हो गया है। आंदोलन के 20वें दिन सोमवार को संयुक्त थरूहट तराई मधेस मोर्चा तथा फोरम लोकतांत्रिक मोर्चा के आह्वान पर सीमावर्ती बांके व आसपास के जिलों में बंदी रही।
व्यवसायिक प्रतिष्ठान व स्कूल, कॉलेज बंद रहे। वाहनों का आवागमन भी ठप रहा। इसके मद्देनजर नेपाल प्रशासन ने भारतीय सीमा क्षेत्र से वाहनों के आवागमन पर भी रोक लगा दी है। सीमा पर बैरियर लगा होने से पैदल आवागमन भी ठप हो गया है।
नेपाल में स्वायत्त मधेस प्रदेश की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को रफ्तार देने के लिए आंदोलनकारी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बांके जिले के जमुनहा, चौलिक्का, परसपुर, रांझा, कमली आदि इलाकों में कमान संभाले रखी।
भारतीय वाहनों के जाने पर लगी रोक
मीडियाकर्मियों के अलावा किसी को भी जिले की सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया। आंदोलन के चलते इंडो-नेपाल सीमा पर सुबह से ही भारतीय वाहनों के नेपाल में प्रवेश पर रोक लगा दी गई।
जमुनहा चौकी पर बैरियर लगाकर पैदल जाने वाले लोगों को भी रोक दिया गया। नेपाल जाने वाले वाहनों की कतारें लगी रहीं। बांके जिले के एसपी बसंत पंत ने बताया कि फिलहाल प्रदर्शन शांतिपूर्ण चल रहा है। जबरन प्रतिष्ठान बंद कराने वालों पर नजर रखी जा रही है।
सुरक्षा के मद्देनजर सीमा पर आवागमन रोका गया है। वहीं, संयुक्त थरूहट तराई मधेस मोर्चा के प्रवक्ता पशुपति दयाल मिश्र ने कहा कि मधेस प्रदेश स्थापना की मांग को लेकर आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है। आंदोलन में कुछ अराजक तत्व शामिल होकर अशांति फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हें चिह्नित किया जा रहा है।
सीमा पर बढ़ाई गश्त
एसएसबी के सहायक सेनानायक रंजीत कुमार ने बताया कि नेपाल में आंदोलन और बंदी के चलते सीमा पर गश्त बढ़ा दी गई है। सुरक्षा के मद्देनजर भारतीय वाहनों व पैदल यात्रियों को भी प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। नेपाल के बांके जिले के अधिकारियों से वार्ता के बाद आवागमन शुरू किया जाएगा।