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जेईई मेन परीक्षा : पिता की डांट के बाद कड़ी मेहनत की, परसेंटाइल पहुंचे 18 से 99
Wed, 01 May 2019 12:39 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Wed, 01 May 2019 12:39 AM IST
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मोहम्मद मुजम्मिल (दाएं)
- फोटो : amar ujala
जेईई मेन के बदले पैटर्न में साल में दो बार मेन देने का मौका, युवाओं के लिए एक स्वर्णिम अवसर जैसा साबित हो रहा है। इसकी बानगी सोमवार को घोषित दूसरे चरण के परिणाम में देखी जा सकती है। राजधानी के मोहम्मद मुजम्मिल के जनवरी की परीक्षा में सिर्फ 18 परसेंटाइल थे, वहीं अप्रैल की परीक्षा में उन्होंने 99.22 परसेंटाइल प्राप्त किए।
मुजम्मिल के पिता मोहम्मद शफीक अहमद चिनहट में एक इलेक्ट्रिक कंपनी में काम करते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण वह कई बार आवश्यक सुविधाएं नहीं उपलब्ध करा पाते थे। किंतु वे चाहते थे कि उनका बेटा इंजीनियर बने।
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मुजम्मिल के पिता मोहम्मद शफीक अहमद चिनहट में एक इलेक्ट्रिक कंपनी में काम करते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण वह कई बार आवश्यक सुविधाएं नहीं उपलब्ध करा पाते थे। किंतु वे चाहते थे कि उनका बेटा इंजीनियर बने।
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हालांकि मुजम्मिल नेवी में जाना चाहता था। इसी वजह से उसने पहली बार थोड़ी कम तैयारी के साथ परीक्षा दी। जब 18 परसेंटाइल आए तो पापा ने बहुत डांटा।
शिक्षकों ने भी बहुत काउंसलिंग की। मुजम्मिल बताते हैं कि पापा की डांट के बाद मैंने ठान लिया कि अब मुझे इसी क्षेत्र में जाना है और कुछ कर दिखाना है।
मैंने नियमित मॉक टेस्ट शुरू किया। शिक्षकों के साथ निर्धारित समय से अतिरिक्त तैयारी की और कठिन चीजों का कांसेप्ट क्लीयर किया। फिलहाल अब किसी एनआईटी-आईआईटी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करके इसी क्षेत्र में कॅरिअर बनाना है।
मुजम्मिल ने बताया कि चाचा मोहम्मद नावेद आर्थिक सहयोग करते हैं। परिवार में मां रुकैया खातून, भाई नजमुल हसन, एक बहन है। टिप्स- टाइम टेबल बनाकर तैयारी की। कठिन विषय को नियमित रिवीजन किया। मॉक टेस्ट काफी सहायक होता है।
शिक्षकों ने भी बहुत काउंसलिंग की। मुजम्मिल बताते हैं कि पापा की डांट के बाद मैंने ठान लिया कि अब मुझे इसी क्षेत्र में जाना है और कुछ कर दिखाना है।
मैंने नियमित मॉक टेस्ट शुरू किया। शिक्षकों के साथ निर्धारित समय से अतिरिक्त तैयारी की और कठिन चीजों का कांसेप्ट क्लीयर किया। फिलहाल अब किसी एनआईटी-आईआईटी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करके इसी क्षेत्र में कॅरिअर बनाना है।
मुजम्मिल ने बताया कि चाचा मोहम्मद नावेद आर्थिक सहयोग करते हैं। परिवार में मां रुकैया खातून, भाई नजमुल हसन, एक बहन है। टिप्स- टाइम टेबल बनाकर तैयारी की। कठिन विषय को नियमित रिवीजन किया। मॉक टेस्ट काफी सहायक होता है।