{"_id":"6423d5c3c907a29e750c8803","slug":"advisary-board-approves-the-nsa-for-burning-ramcharitmanas-2023-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ramcharitmanas: रामचरितमानस की प्रतियां जलाना गंभीर अपराध, रासुका पर एडवाइजरी बोर्ड ने लगाई मुहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ramcharitmanas: रामचरितमानस की प्रतियां जलाना गंभीर अपराध, रासुका पर एडवाइजरी बोर्ड ने लगाई मुहर
Wed, 29 Mar 2023 11:38 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 29 Mar 2023 11:38 AM IST
सार
रामचरितमानस की प्रतियां जलाए जाने के मामले को गंभीर अपराध माना गया है। मामले की फोटो और वीडियो वायरल होने पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : Istock
विस्तार
रामचरितमानस की प्रतियां फाड़कर जलाने के मामले में जिन पांच आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगा था उस पर अब एडवाइजरी बोर्ड की भी मुहर लग गई है। बोर्ड ने इस अपराध को गंभीर माना है।
विज्ञापन
सपा एमएलसी स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामचरितमानस की चौपाइयों पर सवाल उठाए थे। इसके बाद लखनऊ के वृंदावन कॉलोनी में 29 जनवरी को कुछ लोगों ने रामचरितमानस की प्रतियां फाड़कर जलाई थीं। उनकी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो पीजीआई पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। स्वामी प्रसाद को भी साजिश का आरोपी बनाया था।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - चौधरी भूपेंद्र का दावा- जनता का गठबंधन योगी-मोदी के साथ है, सपा का कुनबा इस बार भी होगा साफ
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - साक्षात्कार: अखिलेश बोले- BJP को हटाने के लिए क्षेत्रीय दलों का सहयोग करे कांग्रेस, अतीक को लेकर दिया ये जवाब
पुलिस ने प्रकरण में एक सप्ताह के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी थी। पांच फरवरी को पांच आरोपियों पर रासुका लगाया था। इनमें साउथ सिटी के देवेंद्र प्रताप यादव, कृष्णानगर के यशपाल सिंह, सैनिक नगर के सतेंद्र कुशवाहा, तेलीबाग के सुरेश सिंह व उतरेठिया के मो. सलीम शामिल हैं। रासुका की फाइल एडवाइजरी बोर्ड में रखी गई। बोर्ड ने इस पर मुहर लगा दी।
बोर्ड में हाईकोर्ट के जज, डीएम लखनऊ व पुलिस कमिश्नर शामिल हैं। पुलिस ने कुल दस आरोपियों पर मुकदमा दर्ज किया था। पांच पर रासुका के अलावा इनमें स्वामी प्रसाद, सुजीत यादव, महेंद्र प्रताप, एसएस यादव व संतोष वर्मा भी शामिल थे। इनको कोर्ट से राहत मिल गई थी। लिहाजा गिरफ्तारी नहीं की गई, लेकिन चार्जशीट लगा दी गई है।