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UP News: फर्जी अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र से एमबीबीएस में दाखिला, प्रदेश भर के कॉलेजों की जांच शुरू

Fri, 13 Sep 2024 11:04 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 13 Sep 2024 11:04 PM IST
सार

प्रमाण पत्र फर्जी मिले तो दाखिला निरस्त होगा और मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। वहीं, फर्जी प्रमाण पत्र बनाने के मामले में कई अधिकारियों का फंसना तय है।

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Admission in MBBS on basis of fake minority certificate.
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : Meta AI

विस्तार

फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह ने एमबीबीएस दाखिले में भी सेंधमारी कर दी है। अल्पसंख्यक मेडिकल कॉलेजों में फर्जी प्रमाण पत्र से एमबीबीएस में दाखिले का मामला सामने आया है। चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीएमई) ने प्रदेश के सभी अल्पसंख्यक मेडिकल कॉलेजों में पहले चरण की काउंसिलिंग से हुए दाखिले की जांच शुरू कर दी है। जिन अभ्यार्थियों का प्रमाण पत्र फर्जी मिला, उनका दाखिला निरस्त कर दिया जाएगा।

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डीजीएमई की ओर से प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस में दाखिले के लिए आनलाइन काउंसिलिंग कराई जा रही है। पहले चरण की काउंसिलिंग पूरी हो गई है। इस बीच मेरठ के एक मेडिकल कॉलेज में फर्जी अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र लगाकर 17 छात्रों के दाखिला लेने की शिकायत मिली है। इस शिकायत के बाद विभाग में हलचल मची है। नोडल सेंटर पर प्रमाण पत्रों की जांच के दौरान भी फर्जी प्रमाण पत्र पकड़े नहीं जा सके हैं।
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इन सभी छात्रों ने पांच सितंबर तक प्रवेश ले लिया। द्वितीय चरण की काउंसिलिंग के लिए पंजीयन नौ सितंबर से शुरू हो गई है। इस बीच शिकायत मिली कि एक कॉलेज में 17 छात्रों ने फर्जी प्रमाण पत्र से दाखिला ले लिया है। ऐसे में डीजीएमई कार्यालय ने सभी अल्पसंख्यक कॉलेजों में दाखिला लेने वाले छात्रों के प्रमाण पत्रों की नए सिरे से जांच शुरू करा दी है।
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अल्पसंख्यक और गृह विभाग को भेजा मामला
डीजीएमई ने फर्जी अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र से दाखिला लेने के मामले की जानकारी गृह विभाग और अल्पसंख्यक विभाग को भी भेजा है। फर्जी प्रमाण पत्र जारी होने के मामले में अलग से जांच कराने की मांग की गई है। सूत्रों का कहना है कि पूरे मामले की जांच हुई तो कई अधिकारियों की गर्दन फंसनी तय है क्योंकि न सिर्फ दाखिले में गड़बड़ी हुई है बल्कि प्रमाण पत्र जारी करने में भी अफसरों की मिलीभगत है।


क्या कहती हैं जिम्मेदार
चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय की महानिदेशक किंजल सिंह का कहना है कि कुछ छात्रों के प्रमाण पत्र में गड़बड़ियां पाई गई हैं। पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जा रही है। जिनका प्रमाण पत्र गड़बड़ होगा, उनका न सिर्फ दाखिला निरस्त होगा, बल्कि विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।

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