राजेश साहनी की मौत को लेकर एडीजी ने शुरू की पूछताछ, फोरेंसिक विशेषज्ञों का लिया बयान
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एडीजी लखनऊ राजीव कृष्ण ने एटीएस के एएसपी राजेश साहनी की मौत के मामले में सोमवार को मौके का मुआयना किया और घटनास्थल पर मौजूद रहे लोगों के बयान दर्ज किए।
एटीएस मुख्यालय पहुंचे एडीजी ने घटनास्थल का मुआयना करने वाली फोरेंसिक एक्सपर्ट टीम से भी पूछताछ की। उनकी पूछताछ खास तौर से इस बिंदु को स्पष्ट करने के लिए थी कि घटना की जानकारी होते ही साहनी को अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया।
सीबीआई को जांच सौंपने के बाद भी केंद्रीय जांच एजेंसी ने अभी काम नहीं शुरू किया है। इस नाते एडीजी राजीव कृष्ण ने अपनी जांच आगे बढ़ाई है। उन्होंने सोमवार को एटीएस मुख्यालय पहुंच कर घटनास्थल का मुआयना किया।
डीजीपी ओपी सिंह ने उन्हें जांच सौंपी थी। इस फैसले के बाद ही राज्य सरकार ने प्रकरण की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की थी। एडीजी ने इसके बाद घटना के दिन मुख्यालय में मौजूद रहे एटीएस अधिकारियों व कर्मचारियों की सूची हासिल की और इनमें से कई से पूछताछ कर उनके द्वारा बताए गए तथ्यों को नोट किया।
एडीजी ने बताया कि अभी पूछताछ का सिलसिला जारी रहेगा। जिनके बयान दर्ज करने की जरूरत समझी जाएगी उनसे फिर पूछताछ होगी। इसके अलावा उन्होंने विधि विज्ञान प्रयोगशाला की उस टीम से पूछताछ की जिसने एटीएस मुख्यालय में राजेश साहनी की मौत के बाद मुख्यालय पहुंच कर फोरेंसिक जांच की थी।
उन्होंने फोरेंसिक टीम से अपनी जांच रिपोर्ट लिखित तौर पर विस्तार से देने को कहा। जिन बिंदुओं पर एडीजी ने पूछताछ की उसमें यह तथ्य खास तौर पर शामिल था कि मौके पर पहुंचे अफसरों ने साहनी को अस्पताल क्यों नहीं भेजा। किन वजहों से घटनास्थल वाला कमरा बंद कर वहीं पड़ताल करते कहे। एडीजी ने कहा, उन्हें यह नहीं पता कि सीबीआई जांच शुरू करने में क्या प्रगति है।
जरूरी नहीं, सीबीआई हाथ में ले जांच
सीबीआई ने जांच शुरू नहीं की है। उसे केंद्र सरकार की अधिसूचना जारी होने का इंतजार है। जानकारों का कहना है कि सीबीआई इस बात के लेकर उहापोह में है कि वह अपने हाथ में जांच कैसे ले?
चूंकि लखनऊ पुलिस या एटीएस ने न तो इस मामले को हत्या में न ही आत्महत्या के तहत दर्ज किया है। सीबीआई को जो जांच संदर्भित की गई है उसमें महज पुलिस की जीडी (रोजनामचा) में इस घटना को दर्ज करने का हवाला दिया गया है। ऐसे में सीबीआई इसे किस मद में दर्ज करके जांच शुरू करे? कोई बड़ी बात नहीं होगी अगर सीबीआई जांच शुरू ही न करे।