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Dr Mukesh Kumar: लखनऊ मंडल के एडी बेसिक व पूर्व डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह निलंबित
Tue, 09 Aug 2022 08:20 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 09 Aug 2022 08:20 PM IST
सार
लखनऊ के पूर्व डीआईओएस और लखनऊ के वर्तमान एडी बेसिक डॉ. मुकेश कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है। उन पर अपने पद पर रहते हुए दायित्व के प्रति लापरवाही व शिथिलता बरतने का आरोप है।
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डॉ मुकेश कुमार सिंह।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
लखनऊ। गोलागंज स्थित सेंटीनियल हायर सेकंडरी स्कूल के प्रबंधन विवाद व इसकी जमीन पर फर्जी तरीके से निजी स्कूल मेथोडिस्ट को मान्यता देने के प्रकरण में एक और अधिकारी पर गाज गिरी है। अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला ने लखनऊ मंडल के एडी बेसिक व तत्कालीन डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह को सस्पेंड करते हुए अनुशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। निलंबन अवधि में वे शिक्षा निदेशक बेसिक शिक्षा निदेशालय, प्रयागराज से संबद्ध रहेंगे। पूर्व मंडलायुक्त रंजन कुमार की आख्या पर यह कार्रवाई हुई है। इसकी जांच रिपोर्ट जेडी सुरेंद्र कुमार ने सौंपी थी। डॉ. मुकेश बरेली के भी जिला विद्यालय निरीक्षक रह चुके हैं।
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सेंटीनियल हायर सेकंडरी स्कूल का संचालन द लखनऊ क्रिश्चियन कॉलेज सोसाइटी करती है। अणिमा रिसाल सिंह डिप्टी रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसाइटीज एंड चिटफंड लखनऊ मंडल की मिलीभगत से फर्जी कागजात तैयार कर इसकी प्रबंधक बन गई थी। इसके बाद उसने तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में हस्ताक्षर प्रमाणित करने के लिए भेजा था। शासन का आरोप है कि तत्कालीन डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने लखनऊ क्रिश्चियन कॉलेज और सेंटीनियल कॉलेज के प्रबंधक से इस पर आख्या मांगी थी, लेकिन किसे प्रबंधक मानते हुए आख्या मांगी, इसका उल्लेख नहीं किया।
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आरोप है कि उन्होंने इस संबंध में शिक्षा निदेशक माध्यमिक से मार्गदर्शन मांगा था, जबकि उन्हें डिप्टी रजिस्ट्रार फर्म्स, सोसाइटीज एंड चिटफंड लखनऊ मंडल से स्थिति स्पष्ट कराकर अपने स्तर से निर्णय लेना चाहिए था। साथ ही मंडलीय समिति को प्रकरण से अवगत कराना चाहिए था। शासन की ओर से जारी निलंबन पत्र के अनुसार उन्होेंने यह कदम नहीं उठाया। अनिर्णय की स्थिति में फर्जी समिति बनाकर विद्यालय में कब्जा करने का प्रयास किया गया। शासन ने तत्कालीन डीआईओएस को प्रथमदृष्टया फर्जी समिति की जांच कर प्रभावी कार्यवाही न करने, नियमों का उल्लंघन कर प्रस्ताव मंडलीय समिति को प्रेषित न करने, पद के दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता, शिथिलता बरतने का दोषी पाया है।
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अब तक छह हो चुके हैं निलंबित
सेंटीनियल हायर सेकंडरी स्कूल पर कब्जा करने के मामले में अब तक छह अधिकारी, कर्मचारी निलंबित हो चुके हैं। डॉ. मुकेश कुमार सिंह से पहले बीएसए रहे विजय प्रताप सिंह, एडी बेसिक पीएन सिंह व डिप्टी रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटीज एंड चिटफंड लखनऊ मंडल विनय कुमार इनमें शामिल थे। दो बाबुओं को भी सस्पेंड किया जा चुका है।