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UP: परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की रियल टाइम अटेंडेंस पर सख्ती शुरू, बीईओ पर होगी कार्रवाई
Fri, 01 Mar 2024 03:41 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 01 Mar 2024 03:41 PM IST
सार
स्कूलों में बच्चों की रियल टाइम अटेंडेंस को लेकर सख्ती शुरू हो गई है। इसके लिए रायबरेली समेत एक दर्जन जिलों के 50 विकासखंड चिह्नित किए गए हैं। शिक्षक संघ ने कहा कि शिक्षकों पर दबाव न डाला जाए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की रियल टाइम अटेंडेंस को लेकर सख्ती शुरू हो गई है। रोजाना बच्चों की उपस्थिति न अपडेट करने वाले एक दर्जन जिलों के 50 विकासखंड चिह्नित किए गए हैं। इनकी छह मार्च को समीक्षा बैठक होगी। माना जा रहा है कि शासन यहां के बीईओ पर कार्रवाई कर सकता है।
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परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति, मिड डे मील समेत एक दर्जन रजिस्टर डिजिटल करने की प्रक्रिया चल रही है। इसी क्रम में हाल ही में बच्चों की उपस्थिति व मिड डे मील की जानकारी रोजाना ऑनलाइन अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि अभी भी काफी विद्यालयों में टैबलेट का प्रयोग नहीं शुरू हो सका है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने रायबरेली व बस्ती समेत एक दर्जन जिलों के 50 विकासखंड में डाटा इंट्री काफी कम होने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने समीक्षा बैठक में सभी बीएसए व बीईओ को उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
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वहीं, उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को पत्र लिखकर ऑनलाइन उपस्थिति के लिए शिक्षकों पर दबाव न बनाने की मांग की है। बच्चों की उपस्थिति अपडेट करने व मिड डे मील की रिकॉर्डिंग व फल-दूध वितरण की तस्वीर मांगे जाने पर रोक लगाएं। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षकों के प्रोन्नत वेतनमान का निर्धारण, शिक्षकों की वरिष्ठता सूची का प्रकाशन, जीपीएफ लेजर को अपडेट, ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों को नगरीय क्षेत्र के विद्यालयों में शामिल किया जाए।