मनमानी फीस वसूल रहे निजी मेडिकल कॉलेजों पर कसेगी नकेल, जिलों के डीएम को पत्र लिखकर दिए निर्देश
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शासन से शुल्क निर्धारित होने के बावजूद अभ्यर्थियों से मनमानी फीस वसूलने वाले निजी मेडिकल कॉलेजों के खिलाफ कार्रवाई होगी। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय ने शुक्रवार को इस संबंध में लखनऊ समेत 17 जिलों के डीएम को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। महानिदेशालय को शिकायत मिली है कि निजी कॉलेज एमबीबीएस छात्रों से निर्धारित शुल्क से कई गुना फीस मांग रहे हैं।
दरअसल, यूपी नीट यूजी से निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों को छात्रों का आवंटन हुआ था। नोडल सेंटर पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के बाद जब छात्रों ने मेडिकल कॉलेजों में संपर्क किया तो उनसे कई अन्य मदों में शुल्क की मांग शुरू कर दी गई।
इसकी शिकायत पर चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय ने सभी मेडिकल कॉलेजों को नोटिस देकर जवाब मांगा, लेकिन मनमानी नहीं रुकी। अब जिलाधिकारियों को शासन से निर्धारित नियमों के अनुसार शुल्क न लेने वाले कॉलेजों पर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है।
महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा प्रो.केके गुप्ता ने बताया कि निजी मेडिकल कॉलेजों को नियमानुसार वर्षवार शुल्क लेना है, लेकिन वह छात्रों से अग्रिम शुल्क और बैंक गारंटी की मांग कर रहे हैं। इस मामले की सूचना सचिव मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को भी दी गई है।
इन जिलों के डीएम को भेजा पत्र
महानिदेशालय ने ज्यादा फीस वसूली रोकने के लिए 17 जिलों के डीएम से कार्रवाई का अनुरोध किया है। इनमें लखनऊ, बाराबंकी, बरेली, ग्रेटर नोएडा, मेरठ, हापुड़, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, कानपुर, आगरा, वाराणसी, सीतापुर, मथुरा, उन्नाव, अमरोहा, शाहजहांपुर और सहारनपुर जिले शामिल हैं।
प्रमुख सचिव को भी दी जानकारी
चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय ने कृष्ण मोहन मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल मथुरा, प्रसाद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज लखनऊ, सुभारती मेडिकल कॉलेज मेरठ, मेयो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज बाराबंकी और रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज बरेली के प्रबंधन की शिकायत प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा से की है।
इन मेडिकल कॉलेजों में भी शासन से निर्धारित शिक्षण शुल्क, छात्रावास, सिक्योरिटी फीस के अतिरिक्त पंजीकरण, मेस, नामांकन, पंजीकरण, अग्रिम शुल्क व बैंक गारंटी की मांग की जा रही है। महानिदेशालय ने प्रमुख सचिव से भी जिलों के डीएम को शासन स्तर से भी कार्रवाई के लिए निर्देशित करने का अनुरोध किया है।