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नहीं रोक पाए प्रदूषण, पीसीबी अधिकारी का वेतन रोका
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दमघोंटू होती जा रही राजधानी की हवा को प्रदूषण मुक्त बनाने के काम में लापरवाही बरतना यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी व नोडल प्रभारी डॉ. राम करन सिंह को भारी पड़ गया। डीएम अभिषेक प्रकाश ने अगले आदेश तक उनका वेतन रोक दिया है। साथ ही नोटिस देकर दो दिन में अब तक हुई प्रवर्तन की कार्रवाई का लिखित स्पष्टीकरण भी मांगा है। तय समय में जवाब न देने पर आरोपी पर कार्रवाई होगी।
डीएम ने बताया कि ठंड के साथ बढ़ रहे वायु प्रदूषण एवं स्मॉग से निपटने के लिए प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों की जांच कर कार्रवाई का निर्देश डॉ. सिंह को दिया गया था। पीसीबी को टीमें बनाकर शहर एवं आस-पास की औद्योगिक इकाइयों, निर्माणाधीन परियोजनाओं का औचक निरीक्षण कर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई को कहा गया था। हालांकि, चेतावनी के बाद भी पीसीबी की ओर से न प्रभावी कार्रवाई दिखी और न इसकी स्टेट्स रिपोर्ट दी गई।
विभागों को तेजी से काम करने का निर्देश
डीएम ने वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए सभी उत्तरदायी विभागों को तेजी से काम करने का निर्देश देते हुए चेताया कि इसमें शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी। टूटी सड़कों का जल्द पैचवर्क कराएं और निर्माणाधीन परियोजनाओं से फैलने वाली धूल रोकने के लिए नियमित पानी का छिड़काव कराएं। इसके अलावा ग्रीन नेट की व्यवस्था, निर्माण सामग्री ढककर रखने, बृहद परियोजनाओं पर एनटी स्मोक गन तथा पीटी जेड कैमरा लगवाएं। निर्माण सामग्री लाने में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को पूरी तरह से कवर किया जाए। वहीं, प्रदूषण की जल्द रोकथाम को अब सभी एसडीएम व एसीएम भी निर्माणाधीन परियोजनाओं का औचक जायजा लेंगे। निर्देशों की अनदेखी पर कार्यदायी संस्था के खिलाफ जुर्माना व विभाग के संबंधित जिम्मेदार पर कार्रवाई होगी।
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डीएम ने बताया कि ठंड के साथ बढ़ रहे वायु प्रदूषण एवं स्मॉग से निपटने के लिए प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों की जांच कर कार्रवाई का निर्देश डॉ. सिंह को दिया गया था। पीसीबी को टीमें बनाकर शहर एवं आस-पास की औद्योगिक इकाइयों, निर्माणाधीन परियोजनाओं का औचक निरीक्षण कर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई को कहा गया था। हालांकि, चेतावनी के बाद भी पीसीबी की ओर से न प्रभावी कार्रवाई दिखी और न इसकी स्टेट्स रिपोर्ट दी गई।
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विभागों को तेजी से काम करने का निर्देश
डीएम ने वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए सभी उत्तरदायी विभागों को तेजी से काम करने का निर्देश देते हुए चेताया कि इसमें शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी। टूटी सड़कों का जल्द पैचवर्क कराएं और निर्माणाधीन परियोजनाओं से फैलने वाली धूल रोकने के लिए नियमित पानी का छिड़काव कराएं। इसके अलावा ग्रीन नेट की व्यवस्था, निर्माण सामग्री ढककर रखने, बृहद परियोजनाओं पर एनटी स्मोक गन तथा पीटी जेड कैमरा लगवाएं। निर्माण सामग्री लाने में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को पूरी तरह से कवर किया जाए। वहीं, प्रदूषण की जल्द रोकथाम को अब सभी एसडीएम व एसीएम भी निर्माणाधीन परियोजनाओं का औचक जायजा लेंगे। निर्देशों की अनदेखी पर कार्यदायी संस्था के खिलाफ जुर्माना व विभाग के संबंधित जिम्मेदार पर कार्रवाई होगी।
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