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सादे कागज पर मुकदमे का फैसला लिख फंसे वाराणसी के अपर आयुक्त, ये फरमान जारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 05 Oct 2018 09:43 AM IST
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राजस्व न्यायालयों में मुकदमों के ब्योरे व आदेश बार कोड युक्त पेपर पर दर्ज करने के निर्देशों की अवहेलना पर अपर आयुक्त (प्रशासन) वाराणसी महेंद्र कुमार राय फंस गए हैं। राजस्व परिषद के चेयरमैन प्रवीर कुमार ने मंडलायुक्त वाराणसी दीपक अग्रवाल को राय के न्यायालय के न्यायिक स्टाफ को तत्काल निलंबित करने और अपर आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई के लिए उनसे 12 अक्तूबर तक स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, सभी राजस्व न्यायालयों में वाद का ब्योरा और आदेश बार कोड युक्त ऑर्डरशीट पर दर्ज करना अनिवार्य है। इसकी अवहेलना कदाचार मानते हुए अनुशासनिक कार्रवाई के निर्देश हैं। परिषद के चेयरमैन व सचिव समय-समय पर बैठकों व वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में यह दिशा-निर्देश बताते भी रहे हैं। इसके बावजूद वाराणसी के अपर आयुक्त प्रशासन ने सादे कागज पर ही आदेश पारित कर दिया।
मामला पकड़ में आने पर चेयरमैन ने मंडलायुक्त वाराणसी को इस संबंध में कड़ा पत्र जारी किया है। उन्होंने मंडलायुक्त को संबंधित न्यायिक स्टाफ को तत्काल निलंबित कर अनुशासनिक कार्यवाही कराने और अपर आयुक्त का स्पष्टीकरण लेकर 12 अक्तूबर तक उपलब्ध कराने को कहा है।
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स्पष्टीकरण में राय से पूछा जाएगा कि कि क्यों न उनके विरुद्ध परिषद के आदेशों की अवहेलना व अनुशासनहीनता के लिए अनुशासनिक व दंडात्मक कार्रवाई की जाए? चेयरमैन ने स्पष्ट किया है कि अगर तय तिथि तक कोई स्पष्टीकरण नहीं आया तो राय के खिलाफ यथोचित निर्णय ले लिया जाएगा।
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दरअसल, सभी राजस्व न्यायालयों में वाद का ब्योरा और आदेश बार कोड युक्त ऑर्डरशीट पर दर्ज करना अनिवार्य है। इसकी अवहेलना कदाचार मानते हुए अनुशासनिक कार्रवाई के निर्देश हैं। परिषद के चेयरमैन व सचिव समय-समय पर बैठकों व वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में यह दिशा-निर्देश बताते भी रहे हैं। इसके बावजूद वाराणसी के अपर आयुक्त प्रशासन ने सादे कागज पर ही आदेश पारित कर दिया।
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मामला पकड़ में आने पर चेयरमैन ने मंडलायुक्त वाराणसी को इस संबंध में कड़ा पत्र जारी किया है। उन्होंने मंडलायुक्त को संबंधित न्यायिक स्टाफ को तत्काल निलंबित कर अनुशासनिक कार्यवाही कराने और अपर आयुक्त का स्पष्टीकरण लेकर 12 अक्तूबर तक उपलब्ध कराने को कहा है।
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स्पष्टीकरण में राय से पूछा जाएगा कि कि क्यों न उनके विरुद्ध परिषद के आदेशों की अवहेलना व अनुशासनहीनता के लिए अनुशासनिक व दंडात्मक कार्रवाई की जाए? चेयरमैन ने स्पष्ट किया है कि अगर तय तिथि तक कोई स्पष्टीकरण नहीं आया तो राय के खिलाफ यथोचित निर्णय ले लिया जाएगा।
मंडलायुक्त वाराणसी शिथिल पर्यवेक्षण के लिए जिम्मेदार
इस मामले को चेयरमैन ने कितनी गंभीरता से लिया है, इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि उन्होंने मंडलायुक्त वाराणसी दीपक को शिथिल नियंत्रण का जिम्मेदार ठहराया है। चेयरमैन ने दीपक को निर्देश दिया है कि वे अपने अधीनस्थ समस्त मंडलीय, जिला व तहसील स्तरीय राजस्व न्यायालयों का जल्द निरीक्षण करें और न्यायिक कार्य के संबंध में परिषद के निर्देशों का कड़ाई से पालन कराएं। मंडलायुक्त वाराणसी को जारी इस अर्धशासकीय पत्र की प्रति सभी मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को भी भेजी गई है। इन अफसरों को भी आगाह किया गया है कि अगर ऐसे मामले सामने आएं तो शिथिल पर्यवेक्षण के लिए उनका भी उत्तरदायित्व तय किया जाएगा।
निगरानी की सुनवाई के दौरान पकड़ी गई मनमानी
परिषद स्तर पर निगरानी संख्या आरईवी/2322/2018/ चंदौली (कंप्यूटरीकृत वाद संख्या आर 20181418002322) की सुनवाई के दौरान यह मनमानी पकड़ी गई। पीठासीन अधिकारी ने पत्रावली देखी तो पता चला कि अपर आयुक्त (प्रशासन) वाराणसी मंडल महेंद्र कुमार राय ने निगरानी संख्या सी-20061400001057, वर्ष 2008 जिला चंदौली सुशीला देवी व अन्य बनाम भारत भूषण व अन्य में 10 अगस्त 2018 को परिषद के आदेशों का उल्लंघन करते हुए सादे कागज पर ही आदेश पारित किए हैं। चेयरमैन ने इसे संज्ञान में लेकर कार्रवाई का आदेश दिया है।
निगरानी की सुनवाई के दौरान पकड़ी गई मनमानी
परिषद स्तर पर निगरानी संख्या आरईवी/2322/2018/ चंदौली (कंप्यूटरीकृत वाद संख्या आर 20181418002322) की सुनवाई के दौरान यह मनमानी पकड़ी गई। पीठासीन अधिकारी ने पत्रावली देखी तो पता चला कि अपर आयुक्त (प्रशासन) वाराणसी मंडल महेंद्र कुमार राय ने निगरानी संख्या सी-20061400001057, वर्ष 2008 जिला चंदौली सुशीला देवी व अन्य बनाम भारत भूषण व अन्य में 10 अगस्त 2018 को परिषद के आदेशों का उल्लंघन करते हुए सादे कागज पर ही आदेश पारित किए हैं। चेयरमैन ने इसे संज्ञान में लेकर कार्रवाई का आदेश दिया है।