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मेंथा ऑयल के 315 डीलरों और ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ कार्रवाई, ब्लॉक की गई आईटीसी रिटर्न की सुविधा
Fri, 04 Dec 2020 09:48 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 04 Dec 2020 09:48 PM IST
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- फोटो : social media
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बोगस फर्म बनाकर कर की चोरी करने वाले व्यापारियों के खिलाफ वाणिज्य कर के अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग के स्पेशल टास्क फोर्स व इंवेस्टिगेशन मॉनिटरिंग सेल ने कर चोरी करने वाले मेंथा आयल के 315 डीलरों और ट्रांसपोर्टरों को दी गई आईटीसी रिटर्न की सुविधा को ब्लॉक कर दिया है। ये डीलर मेंथा ऑयल और खाद्यान्न से संबंधित बोगस टैक्स इन्वायस के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ उठा रहे थे। इस तरह 10 बोगस फर्मों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।
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आयुक्त वाणिज्य कर अमृता सोनी ने बताया कि कर चोरी के लिए चलाए गए दो दिन के अभियान में विभाग ने 131 व्यापारिक प्रतिष्ठानों, गोदामों व शाखा व्यापार स्थलों सहित ट्रांसपोर्टरों की जांच की। इसमें 22 फर्म लापता मिले। इसी तरह कर चोरी के दो मामलों में 160 लाख रुपये के मेंथा ऑयल पर 38.63 लाख का कर और अर्थदंड जमा कराने के साथ ही 13 फर्मों का पंजीयन निरस्त किया गया है।
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उन्होंने बताया कि विभागीय एसटीएफ ने 4,180 करोड़ मूल्य का बोगस इन्वाइस जारी कर 691 करोड़ रुपये की बोगस आईटीसी ट्रांसफर का मामला पकड़ा गया है। इस मामले में कार्रवाई के लिए इनकी सूची दिल्ली सीजीएसटी के चीफ कमिश्नर और सेंट्रल एक्साइज व कमिश्नर स्टेट जीएसटी को भी भेजा गया है। इसी तरह प्रदेश में 2525 करोड़ रुपये के माल मंगाने को आधार बनाकर 204 करोड़ रुपये का बोगस आईटीसी लेने का मामला भी पकड़ में आया है। इससे संबंधित सभी फर्मों का पंजीकरण निरस्त कर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
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सोनी ने बताया कि जांच में पाया गया है कि उत्पादक व्यापारियों द्वारा जारी ई-वे बिल के जरिये मेंथा ऑयल की आपूर्ति कर रहे हैं। मगर बिल पर अंकित वाहनों का नेशनल पंजीयन रजिस्टर पोर्टल पर कोई कागजात भी उपलब्ध नहीं हैं। इसी तरह व्यापारियों ने दो व तीन पहिया वाहनों से माल ढोना दिखाया है।