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Lucknow News: ट्रॉमा सेंटर के विस्तार में निकली मिट्टी को बेचने का आरोप, जांच शुरू
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लखनऊ। केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर के विस्तार और जनरल सर्जरी विभाग के नए भवन निर्माण में खोदाई से निकलने वाली मिट्टी को बेचे जाने का आरोप है। कार्यदायी संस्था, इंजीनियर व ठेकेदार कठघरे में है। शिकायत के बाद केजीएमयू प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की गई है।
केजीएमयू में 500 बेड का ट्रॉमा-2 का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं शताब्दी फेज-1 के पीछे सर्जरी विभाग की बहुमंजिला इमारत बनाई जा रही है। यहां बेसमेंट निर्माण के लिए तीन से चार बीघे में करीब 12 फीट गहरी खोदाई की गई। इस दौरान निकली लाखों रुपये कीमत की मिट्टी को बिना किसी टेंडर को बेचने का आरोप है।
केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि कुछ इंजीनियरों और ठेकेदारों के जरिये मिट्टी को अवैध रूप से ब्रिकी किए जाने की शिकायत मिली है। इन लोगों ने मिट्टी के डिस्पोजल के नाम पर ढाई करोड़ रुपये का बजट भी बनाया था। जब सरकार की ओर से स्पष्ट कर दिया गया कि मिट्टी निस्तारण के लिए कोई बजट स्वीकृत नहीं किया जाएगा। लिहाजा इसे बेचा जा सकता है। प्रवक्ता ने बताया कि मामला सामने आते ही केजीएमयू प्रशासन ने मिट्टी की बिक्री पर रोक लगा दी। मिट्टी की अवैध बिक्री को लेकर जिम्मेदार इंजीनियरों और ठेकेदारों के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच चल रही है। करीब एक सप्ताह से खोदाई कर निकाली गई मिट्टी को न्यू ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के पीछे स्थित 1.8 एकड़ की खाली जमीन पर डंप किया जा रहा है। क्वीनमेरी के विस्तार की खाली भूमि पर भी मिट्टी एकत्र कराई जाएगी। अभी तक मिट्टी को बेचने के लिए अधिकृत टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है।
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केजीएमयू में 500 बेड का ट्रॉमा-2 का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं शताब्दी फेज-1 के पीछे सर्जरी विभाग की बहुमंजिला इमारत बनाई जा रही है। यहां बेसमेंट निर्माण के लिए तीन से चार बीघे में करीब 12 फीट गहरी खोदाई की गई। इस दौरान निकली लाखों रुपये कीमत की मिट्टी को बिना किसी टेंडर को बेचने का आरोप है।
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केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि कुछ इंजीनियरों और ठेकेदारों के जरिये मिट्टी को अवैध रूप से ब्रिकी किए जाने की शिकायत मिली है। इन लोगों ने मिट्टी के डिस्पोजल के नाम पर ढाई करोड़ रुपये का बजट भी बनाया था। जब सरकार की ओर से स्पष्ट कर दिया गया कि मिट्टी निस्तारण के लिए कोई बजट स्वीकृत नहीं किया जाएगा। लिहाजा इसे बेचा जा सकता है। प्रवक्ता ने बताया कि मामला सामने आते ही केजीएमयू प्रशासन ने मिट्टी की बिक्री पर रोक लगा दी। मिट्टी की अवैध बिक्री को लेकर जिम्मेदार इंजीनियरों और ठेकेदारों के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं। पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच चल रही है। करीब एक सप्ताह से खोदाई कर निकाली गई मिट्टी को न्यू ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के पीछे स्थित 1.8 एकड़ की खाली जमीन पर डंप किया जा रहा है। क्वीनमेरी के विस्तार की खाली भूमि पर भी मिट्टी एकत्र कराई जाएगी। अभी तक मिट्टी को बेचने के लिए अधिकृत टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है।
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