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Lucknow News: प्रयागराज, वाराणसी, गाजियाबाद के लिए बढ़ेंगी एसी बसें
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लखनऊ। गर्मी में रोडवेज बसों से सफर करने वाले यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिवहन निगम उन रूटों पर एसी बस सेवाएं बढ़ाने पर जोर दे रहा है, जहां इनकी मांग अधिक है। पहले चरण में हाल ही में कैसरबाग से दिल्ली के लिए सात, बरेली के लिए चार व मुजफ्फरनगर के लिए दो एसी बस सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। जबकि अगले चरण में प्रयागराज, वाराणसी, गाजियाबाद के लिए सेवाएं चालू की जाएंगी, इसे लेकर निर्देश दिए जा चुके हैं। रोडवेज के प्रबंध निदेशक संजय कुमार ने जनरथ और पिंक बसों की उत्पादकता बढ़ाने के निर्देश दिए थे। इन सेवाओं से आय बढ़ाने के लिए मांग वाले रूटों पर इन बसों को हस्तांतरित भी किया जाएगा। परिवहन निगम के सभी क्षेत्रीय और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों से सर्वे कराने को कहा गया है, ताकि गर्मी में यात्रियों का सफर बेहतर हो सके। जिन रूटों पर एसी बसों की मांग है, वहां व्यवहार्यता (फीजिबिलिटी) जांचकर बसों को चलाया जाए। मांग के अनुरूप एसी बसों की कमी होने पर दूसरे क्षेत्रों से बसें ली जा सकती हैं।
इससे पूर्व प्रबंध निदेशक पांच साल पुरानी सभी जनरथ व पिंक बस सेवाओं की मरम्मत के निर्देश दे चुके हैं। कहा है कि जो बसें ऑफ रोड होकर वर्कशॉप में धूल फांक रही हैं, उन्हें ठीक कर सड़कों पर उतारा जाए। अकेले लखनऊ रीजन में ही 62 बसों को नए सिरे से तैयार किया गया है। 42 बसों को रूट पर उतारा भी जा चुका है। ऐसे ही अन्य रूटों से आने वाली रिपोर्टों के आधार पर काम किया जाएगा। अफसरों ने बताया कि प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर, मेरठ, गाजियाबाद समेत 20 रूटों पर भी एसी बसों की मांग की गई है। जहां सर्वे कर बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। 22 अप्रैल से पूर्व बसें रूट पर आ जाएंगी।
प्रतापगढ़ का सर्वे कर रही टीम
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार पुंडीर ने बताया कि प्रतापगढ़ से एसी बसों के संचालन के लिए डिमांड आ रही है, जिसे देखते हुए शनिवार को टीम सर्वे के लिए भेजी गई है। रिपोर्ट के आधार पर ही बसों को चलाया जाएगा। उन रूटों का भी सर्वे किया जा रहा है, जहां एसी बसों से उम्मीद के अनुरूप आय नहीं हो पा रही है।
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शटल सेवाओं से मिली राहत
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के रास्ते अयोध्या होकर अंबेडकरनर, आजमगढ़, मऊ और बलिया जाने वाली बसें चलने लगी हैं। इसके कारण बसें अब अयोध्या शहर में नहीं जातीं और यहां सेवाएं घट गई हैं। इससे यात्रियों को दिक्कतें हो रही हैं। वहीं देवीपाटन मंडल में गोंडा, मिर्जापुर आदि के लिए यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में देवीपाटन के लिए शटल बस सेवाएं बढ़ाई गई हैं, इनकी संख्या दस है।
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इससे पूर्व प्रबंध निदेशक पांच साल पुरानी सभी जनरथ व पिंक बस सेवाओं की मरम्मत के निर्देश दे चुके हैं। कहा है कि जो बसें ऑफ रोड होकर वर्कशॉप में धूल फांक रही हैं, उन्हें ठीक कर सड़कों पर उतारा जाए। अकेले लखनऊ रीजन में ही 62 बसों को नए सिरे से तैयार किया गया है। 42 बसों को रूट पर उतारा भी जा चुका है। ऐसे ही अन्य रूटों से आने वाली रिपोर्टों के आधार पर काम किया जाएगा। अफसरों ने बताया कि प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर, मेरठ, गाजियाबाद समेत 20 रूटों पर भी एसी बसों की मांग की गई है। जहां सर्वे कर बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। 22 अप्रैल से पूर्व बसें रूट पर आ जाएंगी।
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प्रतापगढ़ का सर्वे कर रही टीम
परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार पुंडीर ने बताया कि प्रतापगढ़ से एसी बसों के संचालन के लिए डिमांड आ रही है, जिसे देखते हुए शनिवार को टीम सर्वे के लिए भेजी गई है। रिपोर्ट के आधार पर ही बसों को चलाया जाएगा। उन रूटों का भी सर्वे किया जा रहा है, जहां एसी बसों से उम्मीद के अनुरूप आय नहीं हो पा रही है।
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शटल सेवाओं से मिली राहत
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के रास्ते अयोध्या होकर अंबेडकरनर, आजमगढ़, मऊ और बलिया जाने वाली बसें चलने लगी हैं। इसके कारण बसें अब अयोध्या शहर में नहीं जातीं और यहां सेवाएं घट गई हैं। इससे यात्रियों को दिक्कतें हो रही हैं। वहीं देवीपाटन मंडल में गोंडा, मिर्जापुर आदि के लिए यात्रियों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में देवीपाटन के लिए शटल बस सेवाएं बढ़ाई गई हैं, इनकी संख्या दस है।