मोहब्बत में छिपी साजिश का सच बताना जरूरी: ABVP
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील आंबेकर ने ‘लव जेहाद’ के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है।
वे शनिवार को यहां परिषद के छात्रा सम्मेलन और कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ‘लव जेहाद’ अलग तरह का अत्याचार है। इसमें गैर धर्म की युवतियों, खास तौर से हिंदू युवतियों को प्रेमजाल में फंसाकर उन्हें मुस्लिम बनने पर मजबूर किया जा रहा है।
विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता स्कूल, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जाकर युवतियों को इसके खिलाफ सचेत करेंगे। बताया जाएगा कि यह प्यार नहीं, धोखा और साजिश है जिसका मकसद धर्मान्तरण कराना और भारतीय संस्कृति को नष्ट करना है।
‘लिव इन रिलेशनशिप’ के खिलाफ भी लोगों को जागरूक करेंगे। दो दिवसीय कार्यशाला में महिला सुरक्षा, सशक्तीकरण, महिला नेतृत्व विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा के साथ ही कार्ययोजना बनाई जाएगी।
अतिवादियों ने गढ़ा ‘लव जेहाद’ शब्द
पत्रकारों से बातचीत में आंबेकर ने कहा कि ‘लव जेहाद’ शब्द उन अतिवादियों ने ही गढ़ा है जिन्होंने मुस्लिम युवकों को इसके लिए बरगलाया है। ठीक उसी तरह जैसे बरगलाकर और जन्नत मिलने का सपना दिखाकर उन्हें आतंकी बनाया जा रहा है। विद्यार्थी परिषद ऐसी ताकतों को सफल नहीं होने देगी।
कार्यशाला में महिला समन्वयक गीता गुंडे ने कहा कि महिलाओं को समानता का अधिकार दिया गया है। युवतियों को प्रेम करने से कोई नहीं रोक सकता, पर जब यह साजिशन हो तो लोगों को बचाना और उन्हें सच्चाई बताना जरूरी हो जाता है।
पत्रकारों द्वारा महिलाओं को लेकर भाजपा के कुछ नेताओं के विवादित बयानों पर पूछे जाने पर उनका कहना था कि वे बातें अलग-अलग संदर्भों में कही गई हैं, जिनकी गलत व्याख्या की जा रही है।
अगर उत्तर प्रदेश की बात होगी तो कोई भी मुंबई की तरह यहां भी महिलाओं के रात 12 बजे तक अकेले घूमने का समर्थन नहीं करेगा।
कैंपस के भीतर व बाहर काम
परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीहरि बोरकर ने कहा, ‘हमारी चिंता सिर्फ स्कूल-कॉलेजों के भीतर षड्यंत्रकारी प्रेमजाल के खिलाफ नहीं है। कैंपस के बाहर भी चल रहे इस षड्यंत्र को नाकाम किया जाएगा।
कार्यशाला में राष्ट्रीय सहसंगठन मंत्री केएन रघुनंदन, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. कैलाश शर्मा, छात्रा प्रमुख ममता यादव, संयोजिका डॉ. मनु कटारिया, सह संयोजिका अंजलि चौहान, क्षेत्रीय संगठन मंत्री धर्मपाल व अखिल भारतीय प्रकाशन प्रमुख मनोज कांत भी हिस्सा ले रहे हैं।