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जेईई मेन के परिणाम में लखनऊ के 50 से ज्यादा मेधावियों को मिला 99 परसेंटाइल
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लखनऊ। जेईई मेन (फरवरी) के सोमवार देररात जारी परिणाम में राजधानी के 50 से अधिक युवाओं ने 99 परसेंटाइल लाकर एनआईटी, ट्रिपलआईटी समेत देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश के लिए अपना दावा मजबूत किया है। इसमें रविजा चंदेल को 99.96 परसेंटाइल मिला। इसके साथ ही यशस्वी त्रिपाठी ने 99.80, आयुष्मान पांडेय ने 99.79, तीरथ अग्रवाल ने 99.76, नीलेश प्रताप सिंह ने 99.72, शुभम गुप्ता ने 99.66, अथर्व गुप्ता ने 99. 65, अतुल पांडेय ने 99.61, शील रंजन बाजपेई ने 99.59 व अंजनेय पांडेय ने 99.54 परसेंटाइल प्राप्त किए हैं। खास ये कि इस बार कई मेधावियों ने गणित में 100 परसेंटाइल प्राप्त किए हैं। वहीं जिन विद्यार्थियों के अच्छे परसेंटाइल नहीं आए वे अगले चरण की तैयारी में जुट गए हैं। क्योंकि जेईई मेन (मार्च) का आयोजन 15 से 18 मार्च तक होगा। इसके लिए पंजीकरण हो चुका है। इंजीनियरिंग परीक्षा विशेषज्ञ एनके दुबे ने कहा कि इस साल कोरोना के चलते जेईई मेन चार बार कराने का फायदा काफी विद्यार्थियों को मिलेगा। जिनके नंबर इस बार अच्छे नहीं आए हैं, वे अगली बार परीक्षा देंगे। हालांकि इसका असर अंतिम मेरिट पर पड़ेगा। जब ओवरआल मेरिट जारी होगी तो दाखिले के लिए कड़ा मुकाबला होगा।
वैज्ञानिक बनकर करूंगी नाम रोशन : रविजा चंदेल
99.96 परसेंटाइल। सीएमएस गोमती नगर से इंटर कर रही हूं। पहले प्रयास में यह परिणाम मिला है। रैंक सुधारने के लिए एक बार और प्रयास करूंगी। मैं आईआईटी मुंबई से बीटेक कर वैज्ञानिक बनना चाहती हूं। नाना जटाशंकर सिंह की प्रेरणा से यहां तक पहुंची हूं। पिता आनंद कुमार अधिवक्ता व मां डॉ. सुधा सिंह गृहिणी हैं।
टिप्स : क्लास में जो भी पढ़ाया जाए उसका नोट्स बनाकर रिवीजन करें। ज्यादा यहां-वहां भटकने की जगह केंद्रित होकर तैयारी करनी चाहिए।
स्पेस साइंस में बनाना है कॅरियर : यशस्वी त्रिपाठी
99.80 परसेंटाइल। बचपन से मेरी विज्ञान में रुचि रही है। मैंने स्पेस साइंस में अपना कॅरियर बनाने का निर्णय लिया है। आईआईटी मुंबई से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर आगे का लक्ष्य तय करूंगा। रैंक सुधारने के लिए आगे अभी और प्रयास करूंगा। पिता रमेश त्रिपाठी शिक्षक व मां सरिता त्रिपाठी गृहिणी हैं।
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टिप्स : मॉक टेस्ट पर फोकस करना चाहिए। पहली बार परीक्षा में शामिल हो रहे विद्यार्थियों को इससे काफी सहयोग मिलता है। नियमित पढ़ाई से ही सफलता मिलती है।
गलतियों से सीखकर आगे बढ़ा : आयुष्मान पांडेय
99.79 परसेंटाइल। यह मेरा पहला प्रयास था। रैंक सुधारने के लिए आगे भी परीक्षा दूंगा। मैंने मॉक टेस्ट से तैयारी की और इसमें जो गलतियां होती थीं, उसे सुधारकर आगे बढ़ा। एनसीईआरटी की किताबों से तैयारी की। पिता अमित पांडेय व मां मनीषा पांडेय केंद्रीय सेवा में कार्यरत हैं।
टिप्स : पढ़ाई का टाइम टेबल बनाकर सभी विषयों को पूरा समय दें। पढ़ाई के लिए घंटे फिक्स करने के बजाय जब पढ़ने का मन हो तब पढ़ें।
इंटरप्रेन्योर बनकर करूंगा देश सेवा : तीरथ अग्रवाल
99.76 परसेंटाइल। मैं इंटरप्रेन्योर बनकर काम करूंगा। सरकारी जॉब में व्यक्ति अक्सर सेल्फ सेंटर्ड हो जाता है, जबकि आपके पास काम करने के बहुत मौके होते हैं। हमें अपने साथ देश के विकास के बारे में भी सोचना चाहिए। पिता वीरेंद्र अग्रवाल उद्यमी और मां अनीता अग्रवाल गृहिणी हैं।
टिप्स : पढ़ाई के लिए घंटे नहीं टार्गेट फिक्स करके पढ़ता था। नियमित 7-8 घंटे पढ़ाई की। शिक्षक जो पढ़ाते थे उनका नोट्स बनाकर तैयारी की।
मामा के घर रहकर की तैयारी : नीलेश प्रताप सिंह
99.72 परसेंटाइल। मूल रूप से हरदोई का निवासी हूं। इंटर करके यहां आकर तैयारी शुरू की। पिता सुनील कुमार सिंह किसान हैं और मां पूनम सिंह गृहिणी। यहां मामा के घर रहकर तैयारी की और तीसरे प्रयास में उक्त रैंक पाई है। अभी इसमें सुधार का प्रयास करूंगा। मॉक टेस्ट ने काफी सहयोग किया है।
टिप्स : लक्ष्य तय करके प्रयास करना चाहिए। पढ़ाई के लिए ऑनलाइन मैटेरियल का भी प्रयोग करना चाहिए। पिछले साल के पेपर भी हल करें।
कंप्यूटर इंजीनियर बनना है : शुभम गुप्ता
99.66 परसेंटाइल। मैं कंप्यूटर इंजीनियर के रूप में कॅरियर बनाना चाहता हूं। इसके माध्यम से कृषि क्षेत्र के लिए कुछ करना चाहता हूं। मार्च सत्र के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। रैंक सुधारने का प्रयास करूंगा। अच्छे आईआईटी से बीटेक कर लक्ष्य पाने के लिए लगूंगा। पिता पंकज गुप्ता मेडिकल बिजनेसमैन व मां वर्षा गुप्ता गृहिणी हैं।
टिप्स : मैंने ऑनलाइन काफी तैयारी की। मॉक टेस्ट भी दिए हैं। एनसीईआरटी की किताबें भी पढ़ी और उनसे नोट्स बनाया। परीक्षा आने पर उनका रिवीजन किया।
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वैज्ञानिक बनकर करूंगी नाम रोशन : रविजा चंदेल
99.96 परसेंटाइल। सीएमएस गोमती नगर से इंटर कर रही हूं। पहले प्रयास में यह परिणाम मिला है। रैंक सुधारने के लिए एक बार और प्रयास करूंगी। मैं आईआईटी मुंबई से बीटेक कर वैज्ञानिक बनना चाहती हूं। नाना जटाशंकर सिंह की प्रेरणा से यहां तक पहुंची हूं। पिता आनंद कुमार अधिवक्ता व मां डॉ. सुधा सिंह गृहिणी हैं।
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टिप्स : क्लास में जो भी पढ़ाया जाए उसका नोट्स बनाकर रिवीजन करें। ज्यादा यहां-वहां भटकने की जगह केंद्रित होकर तैयारी करनी चाहिए।
स्पेस साइंस में बनाना है कॅरियर : यशस्वी त्रिपाठी
99.80 परसेंटाइल। बचपन से मेरी विज्ञान में रुचि रही है। मैंने स्पेस साइंस में अपना कॅरियर बनाने का निर्णय लिया है। आईआईटी मुंबई से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर आगे का लक्ष्य तय करूंगा। रैंक सुधारने के लिए आगे अभी और प्रयास करूंगा। पिता रमेश त्रिपाठी शिक्षक व मां सरिता त्रिपाठी गृहिणी हैं।
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टिप्स : मॉक टेस्ट पर फोकस करना चाहिए। पहली बार परीक्षा में शामिल हो रहे विद्यार्थियों को इससे काफी सहयोग मिलता है। नियमित पढ़ाई से ही सफलता मिलती है।
गलतियों से सीखकर आगे बढ़ा : आयुष्मान पांडेय
99.79 परसेंटाइल। यह मेरा पहला प्रयास था। रैंक सुधारने के लिए आगे भी परीक्षा दूंगा। मैंने मॉक टेस्ट से तैयारी की और इसमें जो गलतियां होती थीं, उसे सुधारकर आगे बढ़ा। एनसीईआरटी की किताबों से तैयारी की। पिता अमित पांडेय व मां मनीषा पांडेय केंद्रीय सेवा में कार्यरत हैं।
टिप्स : पढ़ाई का टाइम टेबल बनाकर सभी विषयों को पूरा समय दें। पढ़ाई के लिए घंटे फिक्स करने के बजाय जब पढ़ने का मन हो तब पढ़ें।
इंटरप्रेन्योर बनकर करूंगा देश सेवा : तीरथ अग्रवाल
99.76 परसेंटाइल। मैं इंटरप्रेन्योर बनकर काम करूंगा। सरकारी जॉब में व्यक्ति अक्सर सेल्फ सेंटर्ड हो जाता है, जबकि आपके पास काम करने के बहुत मौके होते हैं। हमें अपने साथ देश के विकास के बारे में भी सोचना चाहिए। पिता वीरेंद्र अग्रवाल उद्यमी और मां अनीता अग्रवाल गृहिणी हैं।
टिप्स : पढ़ाई के लिए घंटे नहीं टार्गेट फिक्स करके पढ़ता था। नियमित 7-8 घंटे पढ़ाई की। शिक्षक जो पढ़ाते थे उनका नोट्स बनाकर तैयारी की।
मामा के घर रहकर की तैयारी : नीलेश प्रताप सिंह
99.72 परसेंटाइल। मूल रूप से हरदोई का निवासी हूं। इंटर करके यहां आकर तैयारी शुरू की। पिता सुनील कुमार सिंह किसान हैं और मां पूनम सिंह गृहिणी। यहां मामा के घर रहकर तैयारी की और तीसरे प्रयास में उक्त रैंक पाई है। अभी इसमें सुधार का प्रयास करूंगा। मॉक टेस्ट ने काफी सहयोग किया है।
टिप्स : लक्ष्य तय करके प्रयास करना चाहिए। पढ़ाई के लिए ऑनलाइन मैटेरियल का भी प्रयोग करना चाहिए। पिछले साल के पेपर भी हल करें।
कंप्यूटर इंजीनियर बनना है : शुभम गुप्ता
99.66 परसेंटाइल। मैं कंप्यूटर इंजीनियर के रूप में कॅरियर बनाना चाहता हूं। इसके माध्यम से कृषि क्षेत्र के लिए कुछ करना चाहता हूं। मार्च सत्र के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। रैंक सुधारने का प्रयास करूंगा। अच्छे आईआईटी से बीटेक कर लक्ष्य पाने के लिए लगूंगा। पिता पंकज गुप्ता मेडिकल बिजनेसमैन व मां वर्षा गुप्ता गृहिणी हैं।
टिप्स : मैंने ऑनलाइन काफी तैयारी की। मॉक टेस्ट भी दिए हैं। एनसीईआरटी की किताबें भी पढ़ी और उनसे नोट्स बनाया। परीक्षा आने पर उनका रिवीजन किया।