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देवी-देवताओं को अर्पित होने वाले फूलों से बनाएंगे अबीर-गुलाल, दी जा रही है ट्रेनिंग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 14 May 2018 03:10 PM IST
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- फोटो : डेमो
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विंध्याचल स्थित विंध्यवासिनी देवी मंदिर, वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर, मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान, वृंदावन के बांके बिहारी और गोवर्धन मंदिर सहित प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर देवी देवताओं को अर्पित होने वाले फूलों से अबीर गुलाल बनाई जाएगी।
आजीविका मिशन के तहत ग्राम्य विकास विभाग धार्मिक स्थल के आस-पास के महिला स्वयं सहायता समूहों को मंदिर के फूलों से अबीर गुलाल बनाने का प्रशिक्षण दिला रहा है।
मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, वाराणसी, विंध्याचल, अयोध्या सहित अन्य प्रमुख धार्मिक शहरों में स्थित मंदिरों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में फूल माला चढ़ाई जाती है।
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प्रतिमाओं पर अर्पित होने के बाद प्रतिदिन सैकड़ों क्विंटल फूल मालाएं कचरे के रूप में बाहर फेंक दी जाती हैं। इससे जहां मंदिर के आस-पास कचरा फैलता है, वहीं देवी देवताओं को अर्पित मालाओं के कचरे में सड़ने से लोगों की धार्मिक आस्था भी आहत होती है।
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आजीविका मिशन के तहत ग्राम्य विकास विभाग धार्मिक स्थल के आस-पास के महिला स्वयं सहायता समूहों को मंदिर के फूलों से अबीर गुलाल बनाने का प्रशिक्षण दिला रहा है।
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मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, वाराणसी, विंध्याचल, अयोध्या सहित अन्य प्रमुख धार्मिक शहरों में स्थित मंदिरों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में फूल माला चढ़ाई जाती है।
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प्रतिमाओं पर अर्पित होने के बाद प्रतिदिन सैकड़ों क्विंटल फूल मालाएं कचरे के रूप में बाहर फेंक दी जाती हैं। इससे जहां मंदिर के आस-पास कचरा फैलता है, वहीं देवी देवताओं को अर्पित मालाओं के कचरे में सड़ने से लोगों की धार्मिक आस्था भी आहत होती है।
अबीर-गुलाल के लिए उपलब्ध कराया जाएगा बाजार
आजीविका मिशन में इन फूल मालाओं से अबीर गुलाल बनाने की योजना बनाई गई है। पहले चरण में विंध्याचल में यह काम हो रहा है। भारी मात्रा में मंदिरों से विभिन्न किस्म के फूल महिला स्वयं सहायता समूहों को निशुल्क उपलब्ध हो रहे हैं। इससे अबीर गुलाल की उत्पादन लागत भी कम हो रही है।
रासायनिक रंग और गुलाल से होने वाले नुकसान को देखते हुए शुद्ध अबीर गुलाल की मांग बाजार में ज्यादा है। फूलों से बने अबीर गुलाल के लिए बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। विंध्याचल में प्रयोग सफल होने के बाद वाराणसी, मथुरा, वृंदावन, अयोध्या सहित अन्य जगहों पर भी यह काम होगा। महिलाओं को बड़ी संख्या में इसका प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। - नागेन्द्र प्रताप सिंह, निदेशक अजीविका मिशन
रासायनिक रंग और गुलाल से होने वाले नुकसान को देखते हुए शुद्ध अबीर गुलाल की मांग बाजार में ज्यादा है। फूलों से बने अबीर गुलाल के लिए बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। विंध्याचल में प्रयोग सफल होने के बाद वाराणसी, मथुरा, वृंदावन, अयोध्या सहित अन्य जगहों पर भी यह काम होगा। महिलाओं को बड़ी संख्या में इसका प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। - नागेन्द्र प्रताप सिंह, निदेशक अजीविका मिशन