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Lucknow News: पुरनिया तिराहे पर खड़ी मिली अपहृत डॉक्टर की कार, अंदर मिले मोबाइल
Sat, 10 Oct 2026 02:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 10 Oct 2026 02:18 AM IST
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गुडंबा। मड़ियांव निवासी डॉ. सत्यरत्न की कार सीतापुर रोड स्थित पुरनिया तिराहे के पास खड़ी मिली। कार के अंदर उनके मोबाइल फोन भी मिले, लेकिन पांच दिन बाद भी उनका पता नहीं चल सका है। सीसीटीवी फुटेज में वह कार से उतरकर पैदल जाते दिखाई दिए हैं। पुलिस अपहरण की आशंका के साथ ही नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये के लेनदेन से जुड़े विवाद की भी जांच कर रही है।
डॉ. सत्यरत्न की पत्नी डॉ. शिप्रा यादव के मुताबिक, उनके पति पांच अक्तूबर की सुबह करीब 9:25 बजे कार से घर से निकले थे। वह कुछ दिनों से परेशान भी चल रहे थे। उसी दिन दोपहर करीब 2:30 बजे चिनहट के कमता निवासी प्रखर पांडेय उनके घर पहुंचा। उसने बताया कि सत्यरत्न ने फोन कर हजरतगंज में होने और दो एसयूवी से पीछा किए जाने की बात कही है। इसके बाद उन्होंने पति को फोन किया लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला। शाम करीब छह बजे एक अन्य नंबर से वॉइस मेसेज आया। इसमें खुद को प्रीतीनगर थाने का पुलिसकर्मी बताने वाले व्यक्ति ने सत्यरत्न के अपहरण की सूचना दी। इस पर उन्होंने मड़ियांव थाने में एफआईआर दर्ज कराई।
पुलिस की जांच में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर कई लोगों से एक करोड़ रुपये से अधिक लेने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, घटना वाले दिन सत्यरत्न को चार लोगों को नियुक्ति पत्र देने थे। एसीपी अलीगंज शशि प्रकाश मिश्रा ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
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डॉ. सत्यरत्न की पत्नी डॉ. शिप्रा यादव के मुताबिक, उनके पति पांच अक्तूबर की सुबह करीब 9:25 बजे कार से घर से निकले थे। वह कुछ दिनों से परेशान भी चल रहे थे। उसी दिन दोपहर करीब 2:30 बजे चिनहट के कमता निवासी प्रखर पांडेय उनके घर पहुंचा। उसने बताया कि सत्यरत्न ने फोन कर हजरतगंज में होने और दो एसयूवी से पीछा किए जाने की बात कही है। इसके बाद उन्होंने पति को फोन किया लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला। शाम करीब छह बजे एक अन्य नंबर से वॉइस मेसेज आया। इसमें खुद को प्रीतीनगर थाने का पुलिसकर्मी बताने वाले व्यक्ति ने सत्यरत्न के अपहरण की सूचना दी। इस पर उन्होंने मड़ियांव थाने में एफआईआर दर्ज कराई।
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पुलिस की जांच में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर कई लोगों से एक करोड़ रुपये से अधिक लेने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, घटना वाले दिन सत्यरत्न को चार लोगों को नियुक्ति पत्र देने थे। एसीपी अलीगंज शशि प्रकाश मिश्रा ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
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