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Lucknow News: सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा से बदली समाज की तकदीर
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सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा से बदली समाज की तकदीर
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माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। शहीद स्मारक में आम आदमी पार्टी की ओर से देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर श्रद्घांजलि सभा व विचार गोष्ठी आयोजित की गई।
जिलाध्यक्ष इरम रिज़वी ने कहाकि माता सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा के बूते समाज की तकदीर बदली। उस दौर में लड़कियों की शिक्षा की अलख जगाई। जब समाज का बड़ा हिस्सा महिलाओं को पढ़ने-लिखने का अधिकार देने के खिलाफ था। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा ही सामाजिक बदलाव का सबसे मजबूत हथियार है। आज भी जब बेटियों की पढ़ाई, दलित-पिछड़ों के अधिकार व सामाजिक न्याय पर हमले हो रहे हैं, तब उनके विचार पहले से अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। इस अवसर पर प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल ने कहाकि माता सावित्रीबाई फुले ने यह साबित किया कि बदलाव की शुरुआत साहस से होती है। महिलाओं, गरीबों और वंचितों को समान अवसर दिलाना ही सावित्रीबाई फुले को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम के अंत में पार्टी नेताओं ने आह्वान किया कि माता सावित्रीबाई फुले के विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जाए और शिक्षा व समानता के उनके संघर्ष को आगे बढ़ाया जाए। श्रद्धांजलि सभा एवं संगोष्ठी में ज्ञान सिंह कुशवाहा, बलराम साहनी, पीके बाजपेई, साहिल अंसारी आदि उपस्थित रहे।
लखनऊ। शहीद स्मारक में आम आदमी पार्टी की ओर से देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर श्रद्घांजलि सभा व विचार गोष्ठी आयोजित की गई।
जिलाध्यक्ष इरम रिज़वी ने कहाकि माता सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा के बूते समाज की तकदीर बदली। उस दौर में लड़कियों की शिक्षा की अलख जगाई। जब समाज का बड़ा हिस्सा महिलाओं को पढ़ने-लिखने का अधिकार देने के खिलाफ था। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा ही सामाजिक बदलाव का सबसे मजबूत हथियार है। आज भी जब बेटियों की पढ़ाई, दलित-पिछड़ों के अधिकार व सामाजिक न्याय पर हमले हो रहे हैं, तब उनके विचार पहले से अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। इस अवसर पर प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल ने कहाकि माता सावित्रीबाई फुले ने यह साबित किया कि बदलाव की शुरुआत साहस से होती है। महिलाओं, गरीबों और वंचितों को समान अवसर दिलाना ही सावित्रीबाई फुले को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम के अंत में पार्टी नेताओं ने आह्वान किया कि माता सावित्रीबाई फुले के विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जाए और शिक्षा व समानता के उनके संघर्ष को आगे बढ़ाया जाए। श्रद्धांजलि सभा एवं संगोष्ठी में ज्ञान सिंह कुशवाहा, बलराम साहनी, पीके बाजपेई, साहिल अंसारी आदि उपस्थित रहे।
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