जानिए, कैसे तीन दिन में दो बार मां बन गई ये महिला!
एनआरएचएम घोटाले के तहत सीबीआई जांच की जद में आने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। विभागीय कर्मचारियों ने जननी सुरक्षा योजना के तहत एक ही महिला को तीन दिन में दो बार मां बना दिया है।
इसका खुलासा ऑडिट टीम की जांच में हुआ है। ऑडिट टीम ने मामले को शासन के संज्ञान में लाते हुए सीएमओ से उचित कार्रवाई करने की अपील की है। साथ ही टीम ने जिले के अन्य अस्पतालों में भी इस तरह की अनियमितता की आशंका भी जताई है।
मामला वर्ष 2013 में पीएचसी श्रीदत्तंगज का है। यहां पर भेंदूरीह गांव निवासी मुश्ताक की पत्नी शबरीन को चार सितंबर को संस्थागत प्रसव होने पर चेक संख्या 991876 से जननी सुरक्षा योजना के तहत 1400 रुपये दिए गए। इसी अस्पताल में सात सितंबर 2013 को एक बार फिर शबरीन को चेक संख्या 991923 के जरिए जेएसवाई के तहत 1400 रुपये दे दिए गए।
पहले भी पकड़े गए ऐसे मामले
यह मामला वरिष्ठ लेखा परीक्षा अधिकारी की ऑडिट में सामने आया है। इस पर ऑडिट टीम ने प्रकरण के संबंध में सीएमओ बलरामपुर को पत्र लिखकर कार्रवाई करने को कहा है। यही नहीं टीम ने इस तरह की अनियमितता जिले के अन्य अस्पतालों में भी होने की आशंका जताई है।
स्वास्थ्य विभाग में जननी सुरक्षा योजना के तहत एक ही प्रसूता को एक महीने में दो बार चेक देने के कई मामले शिवपुरा ब्लॉक में युवा कांग्रेसियों ने पकड़े थे। कांग्रेसियों ने वर्ष 2010-11 में इसी मामले को लेकर काफी हो हल्ला भी मचाया था, लेकिन विभागीय कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी गई।
बलरामपुर सीएमओ डॉ. यूके वर्मा ने बताया कि जननी सुरक्षा योजना के तहत एक ही प्रसूता को दो बार अनुचित लाभ देने की ऑडिट आपत्ति का पत्र मिला है। तत्कालीन सीएमओ को प्रकरण के निस्तारण के लिए पत्र लिखा गया है। दोषी कर्मियों से अनियमित ढंग से भुगतान की गई धनराशि की कटौती की जाएगी।