{"_id":"69810d11a8e3256bd408ffe0","slug":"a-woman-suffering-from-mental-illness-committed-suicide-lucknow-news-c-13-lko1096-1587285-2026-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: मानसिक बीमारी से परेशान महिला ने दी जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: मानसिक बीमारी से परेशान महिला ने दी जान
Tue, 03 Feb 2026 02:16 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 03 Feb 2026 02:16 AM IST
विज्ञापन
रूबी की फाइल फोटो।
लखनऊ। मानसिक बीमारी से परेशान होकर महानगर स्थित 32वीं बटालियन पीएसी में आरक्षी विष्णु प्रेमी यादव की पत्नी रूबी ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है।
इंस्पेक्टर महानगर अखिलेश कुमार मिश्र के अनुसार, मूलरूप से मैनपुरी निवासी विष्णु प्रेमी यादव 35वीं बटालियन के सरकारी आवास में पत्नी और बेटे विराट व बेटी गौरी के साथ रहते थे। वह सरोजनीनगर में तैनात थे। विष्णु प्रेमी ने बताया कि उनकी पत्नी बीते 10 वर्ष से मानसिक रूप से बीमार थीं। उनका इलाज चल रहा था। कुछ दिन में उन्हें सरोजनीनगर 32वीं बटालियन के आवास में शिफ्ट होना था। रविवार को वह बेटे और बेटी को ट्रांसपोर्टनगर के एक स्कूल में टेस्ट दिलाने गए थे। घर पर पत्नी अकेली थीं। जब वह घर लौटे तो पत्नी को उल्टियां हो रही थीं। वह उन्हें ट्रॉमा सेंटर लेकर गए। पत्नी ने बताया कि उन्होंने सल्फास खा लिया है। इलाज के दौरान रूबी की मौत हो गई। मां की मौत से बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन
इंस्पेक्टर महानगर अखिलेश कुमार मिश्र के अनुसार, मूलरूप से मैनपुरी निवासी विष्णु प्रेमी यादव 35वीं बटालियन के सरकारी आवास में पत्नी और बेटे विराट व बेटी गौरी के साथ रहते थे। वह सरोजनीनगर में तैनात थे। विष्णु प्रेमी ने बताया कि उनकी पत्नी बीते 10 वर्ष से मानसिक रूप से बीमार थीं। उनका इलाज चल रहा था। कुछ दिन में उन्हें सरोजनीनगर 32वीं बटालियन के आवास में शिफ्ट होना था। रविवार को वह बेटे और बेटी को ट्रांसपोर्टनगर के एक स्कूल में टेस्ट दिलाने गए थे। घर पर पत्नी अकेली थीं। जब वह घर लौटे तो पत्नी को उल्टियां हो रही थीं। वह उन्हें ट्रॉमा सेंटर लेकर गए। पत्नी ने बताया कि उन्होंने सल्फास खा लिया है। इलाज के दौरान रूबी की मौत हो गई। मां की मौत से बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन