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Lucknow: राजभवन के गेट के सामने प्रसव, बच्चे की मौत, अंतिम संस्कार कराने खुद पहुंचे डिप्टी सीएम

Sun, 13 Aug 2023 06:38 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sun, 13 Aug 2023 06:38 PM IST
सार

सिविल अस्पताल से इलाज करवाकर पांच माह की गर्भवती लौट रही थी। महिलाओं ने साड़ियों का घेरा बनाकर मदद की। हालांकि, बच्चे की मौत हो गई।

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A woman delivered a baby on road infront of Rajbhawan gate in Lucknow.
अंतिम संस्कार में मौजूद डिप्टी सीएम। - फोटो : amar ujala

विस्तार

राजधानी लखनऊ में रविवार सुबह राजभवन के गेट नंबर 13 के सामने सड़क पर महिला की प्री-मेच्योर डिलीवरी करानी पड़ी। इस दौरान मौजूद महिलाओं ने साड़ियों का घेरा बनाकर मदद की। हालांकि, महज पांच महीने का गर्भ होने से बच्चे की मौत हो गई। पुलिसकर्मियों ने एंबुलेंस को फोन किया, जो करीब 40 मिनट बाद पहुंची।

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घटना की सूचना पाकर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पत्नी नम्रता के साथ अस्पताल पहुंचे और महिला का हाल लिया। इसके बाद डिप्टी सीएम बच्चे के शव के साथ महिला के पति को अपनी गाड़ी में बिठाकर बैकुंठ धाम तक ले गए। वे अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए।
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जानकारी अनुसार माल एवेन्यू निवासी ब्रजेश सोनी की पत्नी रूपा अपनी भाभी के साथ सिविल अस्पताल से इलाज कराकर रिक्शे से लौट रही थी। रास्ते में ब्लीडिंग होने पर राजभवन के गेट के पास रिक्शे से उतारकर उसकी प्री-मेच्योर डिलीवरी करानी पड़ी। जन्म के कुछ ही देर बाद बच्चे की मौत हो गई। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने एंबुलेंस के लिए फोन किया।
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एंबुलेंस आने में करीब 40 मिनट लग गए। इसके बाद महिला व बच्चे को झलकारी बाई अस्पताल पहुंचाया गया। यहां महिला को भर्ती कर लिया गया। उप मुख्यमंत्री ने इस मामले में प्रमुख सचिव को जांच के आदेश दिए है। वहीं, इससे पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एंबुलेंस आने में देरी की बात कहते हुए इसका वीडियो ट्वीट कर दिया।

दोषी पर होगी सख्त कार्रवाई
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का कहना है कि सूचना मिलते ही मैं पत्नी के साथ मौके पर पहुंचा और पीड़ित परिवार से मिलकर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। मैं खुद भ्रूण को लेकर अंतिम संस्कार में शामिल हुआ। एंबुलेंस समय पर न पहुंचने संबंधित प्रकरण को लेकर जांच के निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें कोई दोषी मिला तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
 

भर्ती करने से कर दिया था इंकार

राजभवन के गेट नंबर 13 के सामने रविवार सुबह जिस महिला की प्री-मेच्योर डिलीवरी करानी पड़ी, उसे पति ब्रजेश सोनी सात अगस्त को पेट में दर्द होने पर सिविल अस्पताल ले गया था। यहां से उसे झलकारी बाई अस्पताल भेजा गया। ब्रजेश के अनुसार उसकी पत्नी को भर्ती करने के बजाय बाद में आने को कहा गया।

रविवार को दोबारा दर्द होने पर वह पत्नी रूपा को सिविल ले गया। यहां इमरजेंसी में डॉक्टरों ने इंजेक्शन लगाया और दवा दी। कुछ देर भर्ती रखने के बाद घर जाने की सलाह दे दी। 11:45 बजे रूपा भाभी रीता संग रिक्शे से लौटने लगी। ब्रजेश दूसरे साधन से पीछे से आ रहा था। राजभवन के गेट नंबर 13 के सामने अचानक रूपा को रक्तस्राव शुरू हो गया। ब्रजेश को इसका पता चला तो वह भी पहुंचा और परिचित को फोन कर साड़ियां मंगवाईं। इस दौरान मौके पर मौजूद महिलाओं ने साड़ियों का घेरा बनाया। राह चलती महिलाओं ने भी मदद की। फिर रूपा ने प्री-मेच्योर बच्चे को जन्म दिया। हालांकि, कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। दंपती के चार बच्चे मुस्कान, मीनाक्षी, रुद्र व कृष्णा हैं।

पॉलिथीन में शव लपेटे घूमते रहे परिजन
झलकारी बाई अस्पताल लाए जाने पर रूपा की भाभी रीता बच्चे का शव काली पॉलिथीन में लपेटे थी। वह उसे लेबर रूम तक ले गई। फिर रूपा को भर्ती कराने बाद पर्चा काउंटर पर आई। इस दौरान वह बच्चे का शव लिए पूरे अस्पताल में घूमती रही।

मरीज मौजूद होने की वजह से देर से मिली एंबुलेंस
एंबुलेंस सेवा दे रही ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विस के प्रवक्ता सुनील यादव ने बताया कि हजरतगंज कोतवाली के पुलिसकर्मी योगेंद्र ने 11:48 बजे एंबुलेंस मांगी। हालांकि, उसके पास मरीज की कोई जानकारी नहीं थी, जिस पर कुछ देर बाद कॉल करने को कहा गया। पुलिसकर्मी ने दोबारा 11:54 बजे कॉल की और सड़क पर प्रसव होने तथा मरीज का ब्योरा बताया। इसके बाद एंबुलेंस (यूपी 32 बीजी 8998) 11:57 बजे असाइन हुई, पर उसमें पहले से केस था। आस-पास चेक करने के बाद 12:03 बजे एंबुलेंस (यूपी 32ईजी5066) को असाइन करने का प्रयास किया, पर वह मरीज को लेकर गई थी। दोपहर 12:13 बजे एंबुलेंस (यूपी32 ईजी 5060) असाइन हुई, जो दस मिनट में मौके पर पहुंच गई। मरीज को 12:35 बजे झलकारी बाई पहुंचा दिया गया।

समय से पहले प्रसव से बच्चे की मौत
झलकारीबाई अस्पताल की सीएमएस डॉ. निबेदिता कार का कहना है कि समय से पहले प्रसव होने से बच्चे की मौत हो गई। महिला अभी भर्ती है। यह इससे पहले अस्पताल नहीं आई थी। महिला का हीमोग्लोबिन कम है। उसे खून चढ़ाना पड़ सकता है।

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