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Sitapur: बाघ ने कुत्ते पर किया हमला, दहशत में ग्रामीण... खेतों की तरफ नहीं जा रहे, हिदायत जारी

Wed, 08 Jan 2025 08:11 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, सीतापुर
अमर उजाला नेटवर्क, सीतापुर Published by: ishwar ashish Updated Wed, 08 Jan 2025 08:11 PM IST
सार

सीतापुर में बाघ के हमले से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीण खेतों की तरफ नहीं जा रहे हैं। उनमें दहशत है।  वन विभाग ने हिदायत दी है।

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A tiger attacked on a dog in Sitapur.
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

एक पखवाड़े से इलाके में बाघ चहल-कदमी कर रहा है। अलग-अलग जगहों पर पगचिन्ह भी पाए जा रहे हैं। वन विभाग ने ढोलईखुर्द में पिंजरा लगाया पर बाघ पिंजरे के करीब तक नहीं फटक रहा है। मंगलवार देर रात कुत्ते को वन्यजीव ने दौड़ाया। शोर सुनकर लाठी-डंडों से लैस ग्रामीण पहुंचे तो बिशुनपुर में दो जगहों पर ताजा पगचिन्ह मिले। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। खेती-किसानी ठप है, सहमे ग्रामीण मवेशी चराने भी खेतों की ओर नहीं जा रहे हैं।

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थानाक्षेत्र में एक पखवाड़े से बाघ की दहशत बनी हुई है। वन विभाग लाख कोशिशों के बाद भी बाघ को पकड़ना तो दूर उसका सुराग तक नहीं लगा पा रहे हैं। ढोलई में पगचिन्ह मिलने के बाद गत बृहस्पतिवार को वन विभाग ने पिंजरा लगाया था। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी वन विभाग खाली हाथ है। बाघ इलाके में चहल-कदमी तो लगातार कर रहा है, लेकिन पिंजरे के पास नहीं जा रहा। इससे रोजहा, बिशुनपुर, ढोलई, फर्रकपुर, पिपरी व सहरोई आदि गांवों में बाघ की दहशत है। ग्रामीण खेतों की ओर जाने से कतरा रहे हैं। मवेशियों को चराने के लिए भी नहीं ले जाया जा रहा है। वहीं, मंगलवार की देर शाम बिशुनपुर गांव के पश्चिम सतीश तिवारी के मकान के पास कुत्ते पर किसी जानवर ने हमला किया। शोर सुनकर सुनकर घर वालों ने जब खिड़की से देखा तो कोई संदिग्ध जानवर दिखाई दिया।
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इसके बाद गांव वालों को फोन किया। गांव वाले लाठी-डंडा लेकर मौके पर पहुंचे तो वहां बाघ के पग चिन्ह मिले। गन्ने के खेत से कुछ अजीब आवाज भी आ रही थी। ग्रामीणों ने आग जलाई और शोर मचाया। बुधवार को वन विभाग की टीम ने कांबिंग की लेकिन बाघ का सुराग नहीं मिला।
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डिप्टी रेंजर सीतापुर मुशीर अहमद ने बाघ के व्यवहार के बारे में ग्रामीणों को बताया व सतर्क रहने की हिदायत दी। इस मौके पर वन दरोगा अभिषेक रंजन पांडेय, राजकुमार, विवेक दीक्षित, अनुभव वर्मा, लक्ष्मी यादव, निकिता वर्मा, सौरभ शुक्ला, आनंद यादव, नीरज रावत, वन रक्षक राजेश कुमार मौजूद रहे।

पीओपी डालकर लिए नमूने: वन विभाग की टीम ने बुधवार को मौके पर पहुंचकर बाघ के पग चिन्हों में प्लास्टर आफ पेरिस भरा। फिर पगचिन्हों के नमूने लिए। वन विभाग के अफसरों ने बताया कि इससे यह पता लग सकेगा कि सिंहानीपारा व बिशुनपुर में एक ही अथवा अलग-अलग बाघ के पगचिन्ह पाए गए हैं।


चहल-कदमी जहां ज्यादा होगी वहां लगाएंगे पिंजरा
वन रेंजर हरगांव बीनू पाल का कहना है कि पिंजरे के आसपास बाघ नहीं आ रहा है। टीम लगातार मॉनीटरिंग कर रही है। बिशुनपुर में पग चिन्ह मिलने की सूचना मिली है। अगर बाघ की चहल-कदमी वहां ज्यादा मिली तो पिंजरा हटाकर बिशुनपुर में लगा दिया जाएगा।

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