लखनऊ। प्रदेश में मरीजों को अधिक सुरक्षित, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्टेट हेल्थ सिस्टम्स रिसोर्स सेंटर (एसएचएसआरसी-यूपी) का पांच वर्षीय रणनीतिक रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इसमें डिजिटल हेल्थ, मरीजों की सुरक्षा, गैर-संचारी रोगों की रोकथाम, अस्पतालों में गुणवत्ता सुधार और वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित स्वास्थ्य नीतियों पर विशेष जोर रहेगा। इस संबंध में बृहस्पतिवार को पीजीआई की ओर से सुशांत गोल्फ सिटी स्थित एक होटल में दो दिवसीय राउंडटेबल बैठक आयोजित की गई।
एसएचएसआरसी-यूपी के सह अध्यक्ष डॉ. आरके धीमन ने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार, चिकित्सा संस्थानों और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच समन्वय आवश्यक है। एसएचएसआरसी-यूपी के अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि केंद्र को प्रदेश के प्रमुख तकनीकी थिंक टैंक के रूप में विकसित किया जाएगा, जो नीति निर्माण, शोध और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के बीच सेतु का काम करेगा। बैठक में अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष, आईआईएम लखनऊ के निदेशक डॉ. एमपी गुप्ता, एनएचएम की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवेल, सचिव ऋतु माहेश्वरी, जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के प्रो. डॉ. साइरस इंजीनियर समेत कई विशेषज्ञ शामिल हुए। आयोजन सचिव डॉ. गौरव झा ने बताया कि दूसरे दिन विचार-विमर्श के आधार पर रोडमैप को अंतिम रूप दिया जाएगा।