कैदी ने पिया फिनायल, पहुंचा अस्पताल, फरार, दो जेलकर्मी सस्पेंड
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लखनऊ के विभिन्न इलाकों में लूट-वाहन चोरी की 22 वारदातों में साल भर से जेल में बंद बदमाश की मंगलवार को मुलाकात के दौरान पत्नी से तकरार हो गई। पत्नी को डपट कर बैरक में लौटा और शौचालय में रखा फिनायल पी लिया।
जेल के डॉक्टर ने बलरामपुर अस्पताल रेफर किया। वहां जेलकर्मियों को चकमा देकर बुधवार शाम फरार हो गया। जेलर ने दोनों जेलकर्मियों समेत चार के खिलाफ केस दर्ज कराया है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने दोनों जेलकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
पुलिस के मुताबिक, 23 जून 16 से जेल में बंद आशीष सोनी उर्फ सनी चिकना बुधवार शाम 5:20 बजे प्रधान बंदी रक्षक धीरेंद्र प्रताप सिंह, बंदी रक्षक कुलदीप कनौजिया व होमगार्ड बृजेंद्र को चकमा देकर बलरामपुर अस्पताल के वार्ड-पांच से फरार हो गया। अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। आशीष की रखवाली में तैनात दोनों जेलकर्मी व होमगार्ड नदारद थे। इस पर जेल प्रशासन को जानकारी दी गई।
जिला जेल के वरिष्ठ अधीक्षक पीएन पांडेय ने प्रधान बंदी रक्षक धीरेंद्र प्रताप सिंह व बंदी रक्षक कुलदीप कनौजिया को निलंबित करने के साथ होमगार्ड बृजेंद्र के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए कमांडेंट को पत्र लिखा। जेलर सीपी त्रिपाठी ने फरार आशीष सोनी के साथ धीरेंद्र प्रताप सिंह, कुलदीप कनौजिया व बृजेंद्र के खिलाफ केस दर्ज कराया। आशीष को पकड़ने के लिए जेल की तीन टीमें रवाना की गईं। इसके साथ पुलिस भी उसकी तलाश में जुटी है।
पत्नी को खरी-खोटी सुनाई और बैरक में लौट गया
जेल प्रशासन ने सर्किल-3 के हाता नंबर 13 की बैरक नंबर 74 के कैदियों से आशीष के बारे में तहकीकात के साथ उससे मुलाकात करने आए लोगों के बारे में छानबीन की। पता चला कि मड़ियांव के जानकीपुरम में रह रही पत्नी प्रीति मंगलवार को आशीष से मिलने आई थी।
मुलाकात के दौरान किसी बात पर पति-पत्नी में झड़प हो गई। प्रीति को खरी-खोटी सुनाते हुए आशीष अपनी बैरक में लौट गया। वहां शौचालय में रखा फिनायल पी लिया। हालत बिगड़ने पर बंदी रक्षकों ने उसे जेल अस्पताल पहुंचाया। डॉ. लाल मणि ने उसे बलरामपुर अस्पताल के लिए रेफर किया। इस पर दोनों जेलकर्मियों व होमगार्ड के साथ आशीष को मंगलवार दोपहर जेल से रवाना किया गया था।
वीगो से ग्लूकोज का पाइप हटाकर भाग निकला
बलरामपुर अस्पताल में इलाज के दौरान हालत सुधरने पर आशीष ने रखवाली में तैनात जेलकर्मियों व होमगार्ड पर नजर डाली। इसके बाद उसने हाथ में लगे वीगो से ग्लूकोज का पाइप हटाया और चंपत हो गया। काफी देर बाद जेलकर्मियों को भनक लगी। उसकी तलाश में जुट गए।
सीसीटीवी फुटेज से पकड़ा गया था लुटेरा
चेन-पर्स लूट की ताबड़तोड़ वारदातों से परेशान बाजार खाला पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से लुटेरों को चिह्नित करके ऐशबाग निवासी सफाईकर्मी अमन उर्फ गोलू धानुक व आशीष सोनी उर्फ सनी चिकना को 22 जून को गिरफ्तार किया था।
अमन की बाइक की पिछली सीट पर सवार होकर आशीष वारदात अंजाम देने निकलता था। दोनों ने चेन-पर्स लूट व बाइक चोरी की 22 वारदातें कुबूलने के साथ खुलासा किया कि गड़बड़ झाला के पास पुरानी सब्जीमंडी में सराफा व्यवसायी इमरान उर्फ शानू के माध्यम से लूटी चेन ठिकाने लगाते थे। इस पर आशीष को भी गिरफ्तार किया गया।
जेल में बनाया था गैंग
फैजाबाद के रौनाही थाने के ड्योढ़ी बाजार के मूल निवासी आशीष सोनी उर्फ सनी चिकना से पूछताछ में खुलासा हुआ था कि वर्ष 2014 में आशियाना पुलिस ने लूट के आरोप में जेल भेजा। वहां बंद अमन से दोस्ती हो गई। उसे भीड़ के बीच तेजरफ्तार से बाइक चलाने में महारथ थी। जमानत के बाद आशीष ने अमन के साथ मिलकर एक ही दिन में दो-तीन वारदात अंजाम देनी शुरू कीं थी।
घर पर लटका ताला, पत्नी भी गायब
एसओ वजीरगंज पंकज कुमार सिंह ने बताया कि कस्टडी से फरार आशीष सोनी की तलाश में पुलिस टीम ने मड़ियांव इलाके में उसके घर पर दबिश दी। वहां ताला लटका था।
आसपास के लोगों से पता चला कि आशीष की पत्नी प्रीति उर्फ सोनी एक निजी अस्पताल में नौकरी करती है। अस्पताल से भी प्रीति की कोई जानकारी नहीं मिली। आशीष के घर के बाहर पुलिस की ड्यूटी लगाने के साथ प्रीति का मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लेकर उसका लोकेशन ट्रेस किया जा रहा है।
जेल के पते पर आधार कार्ड
फरार आशीष सोनी उर्फ सनी चिकना ने तीन साल पहले जेल में बंद रहने के दौरान वहां लगे शिविर में आधार कार्ड बनवाया था। उसमें जिला जेल का ही पता दर्ज कराया था।
पुलिस को नहीं दी सूचना
एसओ वजीरगंज ने बताया कि जेलकर्मियों ने मंगलवार शाम आशीष सोनी को बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन पुलिस को उसकी सूचना नहीं दी। इतना ही नहीं अपराधी के फरार होने पर भी जेलकर्मियों ने पुलिस को कॉल नहीं की, बल्कि खुद भी भाग निकले। अस्पताल प्रशासन ने मेमो भेजकर पुलिस को आशीष के फरार होने की जानकारी दी। इस पर उसकी तलाश के साथ उच्चाधिकारियों को बताया गया।