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ट्रॉमा सेंटर की छठी मंजिल से कूदा रोगी, मौत

Sat, 25 Apr 2015 12:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 25 Apr 2015 12:29 AM IST
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A man died after jumping from sixth floor of trauma.

केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर की निर्माणाधीन छठवीं मंजिल से शुक्रवार दोपहर विनय नाम के मानसिक रोगी ने कूद कर जान दे दी। उसे मानसिक रोग विभाग से ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया था।

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विनय का भाई उसकी एक्स-रे जांच कराने के लिए शुल्क जमा करने गया, इसी बीच वो चकमा देकर छठी मंजिल पर पहुंच गया।
दोपहर करीब 3.30 बजे हुई इस घटना से हड़कंप मच गया।

गरेड़ियन खेड़ा नेवादा हरदोई निवासी संतोष पाल अपने मानसिक रोगी भाई विनय (29) का इलाज कराने शुक्रवार को केजीएमयू के मानसिक रोग विभाग आया था।

वहां दिखाने के बाद संतोष भाई के घुटने का इलाज कराने के लिए ट्रॉमा सेंटर की इमरजेंसी गया। कैजुअल्टी वार्ड में पैर की सूजन और चोट देखकर डॉक्टर ने एक्स-रे कराने की सलाह दी।
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संतोष जरूरी प्रक्रिया पूरी कर एक्स-रे जांच के लिए शुल्क जमा करने गया था। इसी बीच विनय गायब हो गया।

...वो उसे बचाने के लिए ट्रॉमा सेंटर के अंदर भागा

A man died after jumping from sixth floor of trauma.

संतोष उसे ढूंढ ही रहा था कि अचानक उसने ट्रॉमा सेंटर के बाहर हंगामा होते देखा। वो बाहर पहुंचा तो देखा कि निर्माणाधीन छठवीं मंजिल से विनय हाथ लटकाकर कुछ कह रहा था। वो उसे बचाने के लिए ट्रॉमा सेंटर के अंदर भागा।

किसी तरह वो छठे तल पर पहुंचा लेकिन विनय तब तक नीचे गिर चुका था। विनय को कैजुअल्टी कक्ष ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। संतोष ने बताया कि विनय मानसिक रोगी था।

इससे पहले उसका बालागंज में एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। वह पहले भी घर पर आत्महत्या का प्रयास कर चुका था।

ट्रॉमा सेंटर प्रभारी डॉ. एस एन शंखवार ने बताया संतोष ने मामले में कोई शिकायत नहीं की है। सामान्य दुर्घटना मानकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था।

निर्माणाधीन मंजिलों पर नहीं सुरक्षा के उपाय

A man died after jumping from sixth floor of trauma.

केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में बीते एक-डेढ़ साल से दो अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण हो रहा है। इन पर जाने के लिए बने रास्ते पर सुरक्षा व्यवस्था नहीं है।

निर्माणाधीन तल से ट्रॉमा भवन के बाहर निर्माण सामग्री गिरती रहती है। इसके बावजूद वहां सुरक्षा जाल नहीं लगाया गया है। यहां तक कि मजदूरों की सुरक्षा के लिए कोई उपाय नहीं किए गए हैं। यदि सुरक्षा जाल लगा होता तो हो सकता है कि विनय की जान बच जाती।

15 मिनट किया हंगामा और लोग बनाते रहे क्लिपिंग
ट्रॉमा सेंटर के रैन बसेरा में मौजूद महिलाओं ने बताया कि विनय करीब 15 मिनट तक छठवीं मंजिल पर हंगामा करता रहा। एक-दो बार उसने पैर भी बाहर लटकाया। फिर भी कई लोग अपने मोबाइल से उसकी क्लिपिंग बनाने में मशगूल हो गए।

इसी बीच वो ऊपर से कूद गया। लोग विनय के पास पहुंचे लेकिन खून से लथपथ देखकर कोई उसके पास नहीं गया। संतोष ने बताया कि विनय चार भाइयों में दूसरे नंबर पर था। दो अन्य भाई अरविंद और रवींद्र हैं। पिता सकटू प्रसाद गांव में ही खेती करते हैं। मां की मौत हो चुकी है।

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