फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   A lamp caused a fire in the house, an innocent child burned to death, and his elder sister suffered burn injuries.

Lucknow News: दीपक से मकान में लगी आग, मासूम की जलकर मौत, बड़ी बहन झुलसी

Sun, 11 Jan 2026 02:19 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jan 2026 02:19 AM IST
विज्ञापन
A lamp caused a fire in the house, an innocent child burned to death, and his elder sister suffered burn injuries.
अविका की फाइल फोटो।
लखनऊ। इंदिरानगर में शुक्रवार रात तकरोही में मकान में दीपक से आग लग गई। हादसे में पांच वर्षीय बच्ची अविका की जलकर मौत हो गई। वहीं, उसकी बड़ी बहन पंखुड़ी आंशिक रूप से झुलस गई।
विज्ञापन


तकरोही स्थित हनुमंतपुरम कॉलोनी में कार चालक सुमित पत्नी शिल्पी, बेटी पंखुड़ी (7) और अविका (5) के साथ रहते हैं। पंखुड़ी कक्षा दो और अविका केजी की छात्रा थी। सुमित ने बताया कि शुक्रवार रात लगभग 9:30 बजे पत्नी दोनों बेटियों को सुलाकर उनके साथ घर के पास स्थित सब्जी मंडी गई थी। घर के मंदिर में दीपक जल रहा था। इसकी लौ से अचानक पर्दे में आग लग गई।
विज्ञापन

चीखती रही अविका, बेबस रहे लोग

देखते ही देखते आग विकराल हो गई। तपिश और धुएं के कारण पंखुड़ी की आंख खुल गई। खुद को आग की लपटों में घिरा देख वह चीखने चिल्लाने लगी। शोर सुनकर पड़ोसी घरों से बाहर निकले और दमकल को सूचना दी। पंखुड़ी किसी तरह से घर के बाहर आ गई, लेकिन उसका हाथ आंशिक रूप से जल गया। अविका अंदर ही फंसी रही। इस बीच आग और भीषण हो गई। वह मदद के लिए चीखती रही, मगर लोग बेबस होकर सिर्फ देखते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक घंटे में बुझाई जा सकी आग

कुछ लोग आग बुझाने में जुट गए, जबकि कुछ लोग सुमित को घटना की जानकारी देने के लिए बच्ची के साथ बाजार पहुंचे। आनन-फानन भागते हुए सुमित घर पहुंचे। करीब एक घंटे में पड़ोसी आग बुझा सके। सुमित ने अविका को लोगों की मदद से लोहिया अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

हादसे ने छीन ली बेटी

बेटी की मौत की जानकारी होते ही दंपती फफक-फफक कर रोने लगे। सुमित ने रुंधे गले से कहा कि काश, मैं बाजार न जाता तो न ये हादसा होता और न मेरी बच्ची मुझसे दूर जाती। वहीं, शिल्पी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। वह कह रही थी कि हादसा मुझे जीवन भर का गम दे गया। इसने मेरी बेटी छीन ली। लोगों ने किसी तरह से उन्हें ढाढ़स बंधाया। एफएसओ इंंदिरानगर का कहना है कि घटना की जानकारी होते ही वह टीम के साथ दो गाड़ियों से निकले थे। उनके पहुंचने से पहले ही लोगों ने आग पर काबू पा लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed