गोमती में कूदी युवती, पास खड़े युवक ने बचाई जान, भाई पर लगाए ये गंभीर आरोप
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लखनऊ के गोमतीनगर में रिवर फ्रंट पर मंगलवार शाम करीब सात बजे हुसैनगंज निवासी आरती मिश्रा उर्फ गुड़िया ने गोमती में छलांग लगा दी। उसके नदी में कूदते ही आसपास खड़े लोगों में हड़कंप मच गया। एक युवक तत्काल उसके पीछे कूदा और जान बचा ली।
सूचना पाकर आई पुलिस ने गुड़िया को ट्रामा सेंटर भेजा जबकि जान बचाने वाला युवक मौके से चला गया। प्रभारी निरीक्षक रामसूरत सोनकर ने बताया कि युवती के परिवारीजनों को सूचना देकर अस्पताल बुलवा लिया गया है। मदद करने वाले के बारे में देर रात तक किसी को कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।
आरती ने बताया कि उसकी मां प्रेमलता मिश्रा घायल हैं और उनका उपचार ठीक से नहीं हो रहा है। इसी बात को लेकर उसने बड़े भाई कार्तिकेय मिश्रा से कहा था जिसे लेकर वह झगड़ा करने लगा। विरोध करने पर बड़े भाई ने उसे मारपीटकर घर से निकाल दिया।
शाम करीब सात बजे वह पैदल ही घर से निकली और भटकते हुए रिवर फ्रंट पहुंच गई। उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था इसलिए आत्महत्या करने के लिए नदी में कूद गई। एक युवक ने उसे पानी से निकाला। इस बीच जानकारी पाकर सिपाही देवेश वहां पहुंच गया और तुरंत मदद बुलवाकर उसे अस्पताल पहुंचाया।
सेक्शन अफसर थे पिता, छह साल पहले की थी खुदकुशी
सूचना पाकर आए परिवारीजनों ने बताया कि आरती की शादी नहीं हुई है। उसके परिवार की आर्थिक स्थित बहुत खराब है। शादी के लिए कई रिश्ते आए, लेकिन दान-दहेज की वजह से मामला नहीं बना। देर रात तक आरती के करीबी उसे व परिवारीजनों को समझाने का प्रयास कर रहे थे।
प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि अगर पीड़िता कोई शिकायत करती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। आरती ने बताया कि उसके पिता दत्तात्रेय मिश्रा सचिवालय में बतौर सेक्शन अफसर तैनात थे। करीब छह साल पहले उन्होंने खुदकुशी कर ली थी। उनकी मौत के बाद से पूरा परिवार बिखर गया।
सांड के हमले में घायल हो गई थी मां
आरती ने बताया कि उसकी मां प्रेमलता मिश्रा की हालत काफी गंभीर है। कुछ दिन पहले सांड के हमले में वह बुरी तरह से घायल हो गई थीं। उनके पेट में गहरा घाव है। उन्हें अच्छे इलाज की जरूरत है जबकि भाई गंभीरता से उपचार नहीं करा रहा है।
युवक ने डॉक्टर दोस्त को बुलाकर की मदद
आरती को नदी से निकालने के बाद मददगार गायब हो गया तो आसपास मौजूद लोग आगे आ गए। आशुतोष उपाध्याय नाम के युवक ने दिल्ली से आई अपनी डॉक्टर दोस्त मोनिका दुबे को फोन कर बुलवाया। डॉ. मोनिका ने आरती के पेट से पानी निकाला।