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चुनौतियों से दो-दो हाथ: बंद कमरे में हाइड्रोपोनिक्स तकनीक से बिना मिट्टी उगा रहे इम्यूनिटी बूस्टर सब्जियां

Sat, 18 Jul 2020 11:14 AM IST
ishwar ashish रोली खन्ना, अमर उजाला, लखनऊ
रोली खन्ना, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Sat, 18 Jul 2020 11:14 AM IST
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A hydroponic farming start up in Lucknow.
गौरव रस्तोगी व दीपांकर गुप्ता - फोटो : amar ujala

पुराने लखनऊ की तंग गली में पुराना सा मकान है, लेकिन यहां पुराने मकानों जैसे वीरानगी की कल्पना की तो आप गलत साबित हो जाएंगे। एलईडी रोशनी से जगमग, 21 डिग्री एसी के तापमान में 2000 लीटर पानी के प्रवाह के शोर के बीच एक विशेष प्रकार के स्टैंड पर उगीं लाल और हरी लेक्टस, पार्सली, पर्पल बेसिल, अमेरिकन कॉर्न समेत करीब 12 तरह की लीफी ग्रीन यानी हरी सब्जियां यहां की दूसरी ही कहानी बयां कर रही हैं। दरअसल, यह दो दोस्तों गौरव रस्तोगी व दीपांकर गुप्ता के जुनून, लगन और जोखिम उठाने के साहस का स्टार्टअप है और इसे बियांड आर्गेनिक नाम दिया गया है। यहां हाइड्रोपोनिक्स तकनीक से इनडोर फार्मिंग कर इम्युनिटी बूस्टर हरी पत्तेदार सब्जियां उगाई जा रही हैं।

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नौकरी छोड़ साल भर पहले लौटे लखनऊ
गौरव मुंबई में बतौर फाइनेंसियल एनालिस्ट व दीपांकर सीए फर्म में जॉब कर रहे थे। कुछ हटकर करने की सोच दोनों दोस्तों ने नौकरी छोड़ी और इनडोर फॉर्मिंग का फैसला लेते हुए अपने पुराने और खाली पड़े घर में इसका सेटअप लगाया। पहले एक कमरे में सेटअप था, लेकिन अब छत पर भी सेटअप लगा गर्मी के सीजन वाली सब्जियां भी उगा रहे हैं। अगला पड़ाव स्ट्राबेरी और खीरे की खेती शुरू करने का है।

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सोशल मीडिया के जरिये प्रचार
दीपांकर बताते हैं कि पहले हमने परिचितों को बताया, फिर किसान बाजार में एग्जीबिशन लगाई। नतीजा कुछ घरों और रेस्टोरेंट में सप्लाई शुरू हो गई। इस बीच लॉकडाउन हो गया और इम्युनिटी बूस्टर की डिमांड बढ़ी। हरी सब्जियां, सलाद खाने की सलाह तो डाक्टर भी देते हैं। खास बात है कि हम पेस्टिसाइड्स का इस्तेमाल नहीं करते हैं। हमने सब्सक्रिप्शन ऑफर के साथ इसे डाला तो जबरदस्त तरीके से डिमांड आई और हम मांग के अनुरूप सप्लाई नहीं दे सके। इसी के बाद सेटअप को और विस्तार देने का मन बनाया है।
 

आर्डर दें, एक घंटे में मिलेंगी सब्जियां

गौरव बताते हैं कि ये सारी हरी पत्तेदार सब्जियां जाड़े में होती हैं। हमारे यहां ये हिमाचल व उत्तराखंड से आती हैं। करीब पांच से छह दिन लगते हैं इसे बाहर से आने में। तब तक इसके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। हम फार्म टू टेबल के मॉडल पर काम करते हैं। यानी एक से दो घंटे के भीतर ताजी कटी सब्जियां ग्राहक को पहुंचा सकते हैं।

लीफी ग्रीन्स के फायदे
खून की मात्रा बढ़ाती हैं, मोटापे घटाने, दांतों, कैंसर, एनीमिया, पथरी के लिए भी लाभदायक हैं। ये विटामिन, मिनरल्स और प्रोटीन से भरपूर होती हैं। इनमें भरपूर मात्रा में पोषक तत्व होते हैं, जो प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।

जानिए, क्या है हाइड्रोपोनिक्स तकनीक
केवल पानी, बालू या कंकड़ों के बीच नियंत्रित पानी-हवा और बिना मिट्टी के पौधे उगाने की तकनीक को हाइड्रोपोनिक कहते हैं। गौरव और दीपांकर कहते हैं कि आने वाले वक्त में पानी की समस्या बढ़ेगी। कंकरीट के बढ़ते जंगलों के बीच खेती के लिए जमीन का संकट खड़ा होगा। ऐसे में खेती का यह तरीका काफी फायदेमंद होगा। 200 स्क्वायर फीट के कमरे में लगे सेटअप में 2000 लीटर पानी का इस्तेमाल हो रहा है और वह भी एक बूंद पानी बेकार नहीं जा रहा है। सेटअप का ढांचा ऐसा है कि यह रिसाइकिल होता रहता है। परंपरागत खेती की तुलना में करीब 90 फीसदी पानी कम इस्तेमाल होता है।

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