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Lucknow News: युवती से सामूहिक दुष्कर्म, कोर्ट के आदेश पर तीन के खिलाफ केस
Mon, 23 Dec 2024 01:33 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 23 Dec 2024 01:33 AM IST
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युवती से सामूहिक दुष्कर्म, कोर्ट के आदेश पर तीन के खिलाफ केस
लखनऊ। हरदोई की युवती ने तीन युवकों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए दुबग्गा थाने में कोर्ट के आदेश पर शनिवार को रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें प्रमोद, अवधेश और वीरेंद्र को नामजद कराया है।
युवती के अनुसार, 20 अप्रैल को उन्हें लखनऊ में निजी अस्पताल में नौकरी जॉइन करनी थी। इसके लिए सुबह साढ़े पांच बजे बस से दुबग्गा के लिए निकली थीं। बस में गांव के प्रमोद व अवधेश भी बैठ गए। दुबग्गा पहुंचने के बाद दोनों ने उनके मुंह पर रूमाल रख दिया और कार में बैठा लिया। कार उनके गांव का वीरेंद्र चला रहा था। विरोध पर तीनों ने मारपीट की। इस दौरान वह बेहोश हो गईं। कुछ देर के बाद जब होश आया तो जंगल में थीं।
युवती का कहना है कि जंगल में तीनों ने असलहे के बल पर सामूहिक दुष्कर्म किया। विरोध पर बेल्ट से पीटा और शरीर पर कई जगह सिगरेट से जलाया। उनका वीडियो भी बना लिया। अंकपत्र व अन्य सामान छीनकर भाग निकले। डरी-सहमी युवती परिजनों को बीमारी की बात बताकर मामा के घर जाकर रहने लगीं। कुछ दिन बाद आरोपी उनके मामा के घर तक पहुंच गए और धमकाने लगे।
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किसी तरह हिम्मत करके उन्होंने सारी बात मामी को बताई और फिर घरवालों को घटना का पता चला। दुबग्गा थाने में शिकायत करने पर उन्हें हरदोई भेज दिया गया। आरोप है कि हरदोई पुलिस ने तीनों आरोपियों को पकड़ा, पर घटना लखनऊ के दुबग्गा की बताते हुए छोड़ दिया। आजिज आकर उन्होंने कोर्ट की शरण ली। एसीपी काकोरी शकील अहमद ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। एफआईआर दर्ज होने में लापरवाही के सवाल पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
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युवती के अनुसार, 20 अप्रैल को उन्हें लखनऊ में निजी अस्पताल में नौकरी जॉइन करनी थी। इसके लिए सुबह साढ़े पांच बजे बस से दुबग्गा के लिए निकली थीं। बस में गांव के प्रमोद व अवधेश भी बैठ गए। दुबग्गा पहुंचने के बाद दोनों ने उनके मुंह पर रूमाल रख दिया और कार में बैठा लिया। कार उनके गांव का वीरेंद्र चला रहा था। विरोध पर तीनों ने मारपीट की। इस दौरान वह बेहोश हो गईं। कुछ देर के बाद जब होश आया तो जंगल में थीं।
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युवती का कहना है कि जंगल में तीनों ने असलहे के बल पर सामूहिक दुष्कर्म किया। विरोध पर बेल्ट से पीटा और शरीर पर कई जगह सिगरेट से जलाया। उनका वीडियो भी बना लिया। अंकपत्र व अन्य सामान छीनकर भाग निकले। डरी-सहमी युवती परिजनों को बीमारी की बात बताकर मामा के घर जाकर रहने लगीं। कुछ दिन बाद आरोपी उनके मामा के घर तक पहुंच गए और धमकाने लगे।
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किसी तरह हिम्मत करके उन्होंने सारी बात मामी को बताई और फिर घरवालों को घटना का पता चला। दुबग्गा थाने में शिकायत करने पर उन्हें हरदोई भेज दिया गया। आरोप है कि हरदोई पुलिस ने तीनों आरोपियों को पकड़ा, पर घटना लखनऊ के दुबग्गा की बताते हुए छोड़ दिया। आजिज आकर उन्होंने कोर्ट की शरण ली। एसीपी काकोरी शकील अहमद ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। एफआईआर दर्ज होने में लापरवाही के सवाल पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।