लखनऊ में दरिंदगी के बाद छात्रा की हत्या
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राजधानी में अपराधी बेखौफ और पुलिस लाचार है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दरिंदों ने हाई सिक्योरिटी वाले मुख्यमंत्री आवास से मात्र 250 मीटर और डीजीपी आवास से मात्र 400 मीटर की दूरी पर इंटर की छात्र से गैंगरेप के बाद हत्या कर दी। छात्रा पांच दिन से लापता थी।
उसका मोबाइल गायब था। छानबीन के दौरान बाराबंकी के हैदरगढ़ निवासी रिक्शा चालक सदगुरु लोध और दीपक उर्फ दीपू से मोबाइल फोन बरामद होने के बाद मामले में नया मोड़ आ गया।
पूछताछ में उन्होंने लोहिया पथ पर हैदर कैनाल नाले के किनारे शव पड़ा होने की जानकारी दी। सोमवार सुबह पुलिस ने शव बरामद कर लिया। इस हत्याकांड की खबर मिलते ही पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया।
फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट और डॉग स्क्वायड ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैवानियत और दरिंदगी सामने आई है।
छात्रा के जीवित होने की संभावना पर शव उतरवाया
रिपोर्ट के मुताबिक छात्रा के निजी अंगों में डंडा या ऐसी ही कोई वस्तु डाली गई। अत्यधिक रक्तस्त्राव और शॉक लगने से उसकी मौत हो गई। एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि छात्रा की रेप के बाद हत्या की गई है।
बाल और नाखून सहित श्वाब के नमूने एकत्र कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। उधर, रिक्शा चालक सदगुरु का कहना है कि बीते बृहस्पतिवार की सुबह वह शौच के लिए नाले के किनारे गया था तभी छात्रा का शव फंदे से लटका पाया। उसके साथ दीपू के अलावा चार अन्य लोग थे।
छात्रा के जीवित होने की संभावना से उसने शव उतरवाया, लेकिन वह मर चुकी थी। इसके बाद उसने छात्रा का ब्लेजर और मोबाइल फोन ले लिया और वहां से चला गया। ब्लेजर और मोबाइल फोन हैदरगढ़ में पत्नी के पास भेज दिया था। एसएसपी का कहना है कि मोबाइल फोन रविवार सुबह चालू हुआ।
लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम बाराबंकी भेजी गई जहां से सदगुरु और दीपू को पकड़ा गया। दोनों की भूमिका संदिग्ध है। दोनों का मेडिको लीगल टेस्ट कराया जाएगा।
सीएम ने ट्वीट कर डीजीपी को सौंपी निगरानी
अपने आवास के पास छात्रा की हत्या की जानकारी मिलते ही सीएम अखिलेश यादव ने ट्वीट करके डीजीपी से निजी तौर मामले की जांच की निगरानी करने और स्पेशल टॉस्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए। जल्द से जल्द अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए कहा।
गोल्फ क्लब से 1090 चौराहा के बीच गायब हुई
छात्रा बुधवार सुबह 8.14 बजे स्कूल यूनीफॉर्म में टेढ़ी पुलिया पर लगे सीसीटीवी कैमरे में नजर आई। एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि मॉर्डन कंट्रोल रूम ने टेढ़ी पुलिया के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो छात्रा कपूरथला चौराहा से आईटी चौराहा जाती दिखी।
यहां से वह परिवर्तन चौक होते हुए हजरतगंज चौराहा पार करके पार्क रोड पहुंची। आखिरी बार उसे गोल्फ क्लब तिराहा पर लगे सीसीटीवी कैमरे में 8.51 बजे देखा गया। यहां से छात्रा लोहिया पथ पर वीमेन पॉवर लाइन 1090 की तरफ मुड़ गई।
...लेकिन इसके आगे नहीं दिखी छात्रा
पुलिस अधिकारियों ने वीमेन पॉवर लाइन चौराहा पर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले लेकिन छात्रा नहीं दिखी। यानी वह गोल्फ क्लब से वीमेन पॉवर लाइन चौराहा के बीच हुई कहीं गायब गायब हुई। इस रूट पर कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं है।
एसएसपी का कहना है कि घर से गोल्फ क्लब तिराहा तक छात्रा अकेली थी और उसने चुन्नी से चेहरा ढक रखा था। उसके आगे-पीछे या आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति नजर नहीं आ रहा था।
व्हाट्सएप पर दोपहर तक रिसीव हुए ‘भैय्या’ के मैसेज
छात्रा के मोबाइल फोन में पुलिस को कोई कॉल नहीं मिली है। गोल्फ क्लब तिराहा से छात्रा के सीसीटीवी फुटेज से गायब होने के बाद दोपहर 1.54 बजे तक व्हाट्सएप पर तीन-चार मैसेज जरूर आए थे।
यह मैसेज ‘भैय्या’ के नाम से भेजे गए थे। मैसेज में लिखा था ‘आप कहां हो। कोई दिक्कत तो नहीं है। सब ठीक है ना।’ मैसेज भेजने वाला ‘भैय्या’ कौन है? पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है।
बुधवार दोपहर ही मार दी गई थी छात्रा
छात्रा की हत्या बुधवार दोपहर ही कर दी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक छात्रा की मौत पांच दिन पहले हुई थी। यानी बुधवार दोपहर किसी वक्त छात्रा की मौत हुई।
आत्महत्या का रूप देने को फंदे से लटकाया
रिपोर्ट के मुताबिक छात्रा को मरने के बाद फंदे से लटकाया गया। उसकी बायीं कनपटी में एक चोट है। हाथ-पैरों और पीठ पर चोटों के निशान हैं। लेकिन मौत की वजह अत्यधिक रक्तस्त्राव, हैमरेज व शॉक बताया गया है। पुलिस का मानना है कि छात्रा की हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए ही उसे फंदे से लटकाया गया।
मोहनलालगंज और निर्भया कांड की याद ताजा की
छात्रा की हत्या ने मोहनलालगंज कांड और दिल्ली के निर्भया कांड की यादें ताजा कर दीं। दोनों ही मामलों में पीड़िताओं के साथ वहशियाना करतूत की गई थी।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह काम किसी साइको का या नशेबाज का हो सकता है।