शौचालय नहीं बनवाया तो लखनऊ की बेटी ने तोड़ दी शादी
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नेहा ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश में स्वच्छता अभियान चलाकर घर-घर शौचालय बनाने की बात कर रहे हैं, तो फिर वह ऐसे घर में बहू बन कर कैसे जा सकती हूं, जहां शौचालय ही नहीं है।
नेहा ने ‘अमर उजाला’ से फोन पर बातचीत में कहा कि अब वह शौचालय अभियान के लिए लड़कियों को जागरूक करेगी ताकि कोई लड़की ऐसी ससुराल न जाए जहां बहू-बेटी के लिए घर में शौचालय की व्यवस्था न हो।
नेहा श्रीवास्तव अपनी मां मिथिलेश के साथ लखनऊ के रुचिखंड, शारदा नगर में रहती है। नेहा के पिता रामप्रसाद का देहांत हो चुका है। परिवार में चार शादीशुदा बहनें सुमन, मोनी, कामिनी और पूजा हैं।
पिता की पेंशन से होता है घर का गुजारा
घर का गुजारा पिता की पेंशन से होता है। इसके चलते, बहनों में सबसे छोटी नेहा को इंटर से पहले ही पढ़ाई छोड़नी पड़ी। नेहा कानपुर के देहली सुजानपुर में रहने वाली बहन के घर आती-जाती हैं। नेहा के जीजा प्रमोद श्रीवास्तव ने बताया कि कुछ महीने पहले नेहा की शादी गुजैनी अंबेडकर नगर कानपुर के एक लड़के से तय हुई थी। लड़के के घर में शौचालय नहीं था।
नेहा ने आपत्ति की तो लड़के के घरवालों ने आश्वासन दिया कि शादी से पहले शौचालय बनवा लेंगे। इसके बाद नेहा के घरवालों ने राष्ट्रीय कायस्थ महापरिषद द्वारा 17 अप्रैल को डीएवी लॉन में आयोजित सामूहिक विवाह में नेहा और उस लड़के के विवाह का पंजीकरण करा लिया। साथ ही, वर रक्षा समेत दूसरी रस्में भी पूरी कर दीं।
शादी के दो दिन पहले जब शौचालय के बारे में पूछा गया तो ससुराल वालों ने शादी के बाद बनवाने की बात कही। पर, नेहा तैयार नहीं हुई।
उसने 15 अप्रैल को अपने घरवालों से बात की और साफ कहा कि वह ऐसे घर में विवाह नहीं करेगी, जहां शौचालय नहीं है और विवाह तोड़ दिया।
नेहा के कदम से मां बेहद खुश
नेहा ने जो साहसिक कदम उठाया है, उससे उसकी बुजुर्ग मां मिथिलेश और बहनों समेत पूरे परिवार ने सराहा।
इस बीच, सामूहिक विवाह कराने वाली संस्था राष्ट्रीय कायस्थ महापरिषद के जरिए नेहा का विवाह दूसरे लड़के से तय कर दिया। नेहा रविवार को दुल्हन बनेंगी।
इस पर राष्ट्रीय कायस्थ महापरिषद की डॉ. यूसी श्रीवास्तव ने कहा कि नेहा ने बड़ा कदम उठाया है। संस्था नेहा और उसके परिवार की हिम्मत की दाद देती है जिसने लोकलाज छोड़ कर समाज को जागरूक किया है।