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बसपा नेता का करीबी बता की लाखों की ठगी, धरा गया

Fri, 04 Dec 2015 02:24 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 04 Dec 2015 02:24 AM IST
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A fraud caught by Lucknow Police.

नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये ठगने वाले गोंडा के मनकापुर निवासी यूनुस खान को हजरतगंज पुलिस ने बुधवार शाम दारुलशफा परिसर से गिरफ्तार कर लिया।

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सीओ हजरतगंज अशोक कुमार वर्मा के मुताबिक यूनुस ने बसपा सरकार के कार्यकाल में मंत्री रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी का करीबी और तत्कालीन स्वास्थ्य सचिव का निजी सचिव बताकर कई लोगों से ठगी की। अब तक ठगी के शिकार चार लोगों का पता चला है।
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इसमें से एक सुल्तानपुर के कादीपुर करौली कला निवासी गिरीश कुमार उपाध्याय ने बुधवार को यूनुस के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई है। गिरीश फैजाबाद में प्रॉपर्टी का काम करने के साथ ही एनजीओ भी चलाते हैं। यूनुस ने उन्हें स्वास्थ्य विभाग में वार्ड ब्वॉय भर्ती कराने का झांसा देकर पांच लाख रुपये ऐंठे थे।
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सिक्योरिटी कंपनी चलाता था ठग, बदलता रहता था ऑफिस-मकान

यूनुस राजधानी में रॉयल कोबरा नाम से सिक्योरिटी कंपनी चलाता है। वह इसी कंपनी की आड़ में ठगी करता था। वह किराये का मकान में रहता था और छह से आठ महीने में मकान बदल देता था। उसकी कंपनी का स्थायी ऑफिस भी नहीं था। यही वजह थी कि ठगी के शिकार लोग उसे ढूंढ नहीं पाते थे।

करीब चार साल से वह ऑफिस और मकान बदलकर लोगों की आंखों में धूल झोंक रहा था। एफआईआर कराने वाले गिरीश ने ही उसे ढूंढकर पुलिस को सूचना दी जिसके बाद वह गिरफ्त में ले लिया गया।

इस तरह करता था ठगी

A fraud caught by Lucknow Police.

गिरीश ने बताया कि रायबरेली के एक परिचित डॉक्टर रामप्यारे तिवारी ने वर्ष 2011 में नौकरी के लिए यूनुस के पास भेजा था। यूनुस ने उन्हें जवाहर भवन बुलाया। यहां खुद को स्वास्थ्य सचिव का निजी सचिव बताते हुए उसने वार्ड ब्वॉय पद पर भर्ती के लिए पांच लाख का खर्च बताया। गिरीश ने दिसंबर 2011 में उसे डेढ़ लाख रुपये नकद दिए।

इसके बाद तीन बार में पांच लाख दिए लेकिन नौकरी नहीं मिली। गिरीश ने उससे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वह न फोन उठाता था न मुलाकात करता था। गिरीश ने बताया कि यूनुस ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक में भी चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती कराने के लिए बेरोजगारों को भेजने की बात कही थी।

गाजीपुर थाने के पुलिसकर्मी को भी लगाया चूना

यूनुस ने गाजीपुर थाना के हेड कांस्टेबल व सुल्तानपुर निवासी जमाल पुरी से भी 70,000 रुपये ठग लिए थे। उसने हेड कांस्टेबल को अपनी कंपनी में पार्टनर बनाने के नाम पर यह रकम ली थी।

इसके अलावा उसने अमेठी निवासी ओमप्रकाश पांडेय को अपनी कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड बनाने के नाम पर 70,000 रुपये वसूले। रोडवेज में संविदा पर काम करने वाले फतेहपुर के रामबाबू को नौकरी का झांसा देकर उसने डेढ़ लाख रुपये ठगे थे।

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