{"_id":"66a1d1d864f80d128d09211a","slug":"a-class-eight-student-commits-suicide-in-lucknow-2024-07-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow: हिंदी न समझ पाने से परेशान दार्जिलिंग की छात्रा ने दी जान, मां बोली- तनाव में थी बेटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow: हिंदी न समझ पाने से परेशान दार्जिलिंग की छात्रा ने दी जान, मां बोली- तनाव में थी बेटी
Thu, 25 Jul 2024 11:38 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 25 Jul 2024 11:38 AM IST
सार
13 वर्षीय दीया पांच महीने पहले अपनी मां के साथ लखनऊ शिफ्ट हुई थी। मां के अनुसार बेटी को हिंदी भाषा समझ में नहीं आ रही थी। इससे वह ढंग से पढ़ाई नहीं कर पा रही थी।
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala
विस्तार
पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग से मां के साथ लखनऊ शिफ्ट हुई आठवीं की छात्रा ने मंगलवार दोपहर फांसी लगाकर जान दे दी। वह आशियाना के रुचिखंड में रह रही थी। पुलिस का कहना है कि हिंदी भाषा समझ में न आने से पढ़ाई में आ रही दिक्कत से तनाव में आकर छात्रा ने यह कदम उठाया।
विज्ञापन
दार्जिलिंग निवासी निमाकिट एक निजी सिक्योरिटी कंपनी में काम करती हैं। वह पांच माह पहले छोटी बेटी दीया (13) के साथ लखनऊ शिफ्ट हुई थीं और रचिखंड में किराये के मकान में रह रही हैं। उन्होंने आठवीं की छात्रा दीया का निजी स्कूल में दाखिला कराया था। दीया के पिता निर्मल बड़ी बेटी के साथ दार्जिलिंग में ही रहते हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - साल दर साल यूपी में बढ़ रही तादाद...पांच साल पहले हुए सर्वे में मिले थे दस लाख बांग्लादेशी नागरिक
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - रायबरेली में चल रहा था बांग्लादेशियों को नागरिकता देने का षड्यंत्र, कर्नाटक, केरल और मुंबई से भी जुड़े तार
निमाकिट मंगलवार सुबह ड्यूटी पर चली गईं तो दोपहर में दीया ने कमरे में लगे पंखे से दुपट्टे के सहारे फांसी लगा ली। पड़ोसी ने उसे फंदे से लटका देख मां को फोनकर जानकारी दी। घर पहुंचीं निमाकिट ने बेटी को फंदे से उतारा और लोकबंधु अस्पताल ले गईं, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। किला चौकी इंचार्ज प्रवेंद्र सिंह ने बताया कि दीया की मां के अनुसार बेटी को हिंदी भाषा समझ में नहीं आ रही थी। इससे वह ढंग से पढ़ाई नहीं कर पा रही थी। मां के अनुसार इसी के चलते तनाव के कारण बेटी ने जान दे दी।