लखनऊ : सौतेले चाचा ने पैर पकड़कर बच्चे को पटक कर मौत के घाट उतार दिया, दर्दनाक मौत
मोहनलालगंज में सौतेले चाचा ने चौदह माह के बच्चे को मौत के घाट उतार दिया। मासूम की मां चिल्लाती रही लेकिन दरिंदे ने मासूम को पैर पकड़कर सड़क किनारे बने नाले पर कई बार पटक दिया जिससे उसकी मौत हो गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मोहनलालगंज में मंगलवार को एक युवक ने 14 माह के सौतेले भतीजे को पत्थर पर पटककर मार डाला। वारदात के बाद आरोपी खुद को कमरे में बंद कर चिल्लाने लगा। सूचना पर पुलिस ने किसी तरह दरवाजा खुलवाकर उसे दबोचा और मासूम के पिता की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा। एडीसीपी (दक्षिण) राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि मोहनलालगंज कस्बा निवासी अमित वर्मा अपने घर के पास ही मेडिकल स्टोर चलाते हैं। वह घर के भूतल पर पत्नी संगीता और दो बच्चों संग रहते हैं, जबकि प्रथम तल पर अमित की सौतेली मां व उनका बेटा मनीष वर्मा रहता है। मंगलवार सुबह अमित मेडिकल स्टोर चले गए, जबकि पत्नी संगीता घरेलू काम कर रही थी। तभी कमरे में सो रहे अमित के 14 माह के बेटे अयांश को मनीष ने पैर पकड़कर उठाया और घर के बाहर ले जाकर नाले पर रखे पत्थर पर पटकने लगा। यह देख संगीता शोर मचाते हुए बाहर भागी तो आसपास के लोग भी आ गए।
भीड़ जुटने पर मनीष मासूम को छोड़कर घर में घुस गया और अपने कमरे में जाकर दरवाजा बंद कर चिल्लाने लगा। शोरशराबा सुनकर अमित भागकर घर पहुंचे और लहूलुहान अयांश को लेकर नजदीकी अस्पताल गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस बीच सूचना पर मोहनलालगंज इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार मिश्र पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने किसी तरह दरवाजा खुलवाकर आरोपी मनीष को हिरासत में लेने के साथ ही अयांश का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इंस्पेक्टर ने बताया कि अमित वर्मा की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी मनीष को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेजा गया है। मामले में छानबीन की जा रही है।
हृदयविदारक घटना से मचा कोहराम
मासूम को बेरहमी से पत्थर पर पटककर मारने की वारदात से कस्बे में हड़कंप मच गया। अमित के घर के सामने सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई। संगीता समेत परिवार के लोग जहां बिलख रहे थे, वहीं पड़ोसियों समेत आसपास के लोग भी मासूम की हत्या से विचलित थे। मनीष की करतूत से लोगों में जबरदस्त आक्रोश था।
चीख-चीखकर खुद को बता रहा था राजा
सौतेले भतीजे की हत्या करने के बाद खुद को कमरे में बंदकर मनीष चीख-चीखकर खुद को राजा व अपनी मां को रानी लक्ष्मीबाई कह रहा था। इससे आशंका है कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। हालांकि, पड़ोसियों ने बताया कि मनीष बी-फार्मा का कोर्स कर रहा है। उसकी पढ़ाई का खर्च भी अमित ही उठाते थे, लेकिन कुछ दिनों से किसी बात को लेकर घर में कलह मची थी। आशंका है कि इसी से तैश में आकर मनीष ने सौतेले भतीजे को मार डाला।