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बेटे का शव लिए एंबुलेंस के लिए गिड़गिड़ाता रहा गरीब पिता, चालक बोला- 1800 रुपये लूंगा
Sun, 23 Aug 2020 04:20 PM IST
ishwar ashish
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 23 Aug 2020 04:20 PM IST
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एंबुलेंस न मिलने से गई दिव्यांश की जान।
- फोटो : amar ujala
सुल्तानपुर जिला अस्पताल में शनिवार को स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था के साथ हद दर्जे की संवेदनहीनता देखने के मिली। जौनपुर जिले के सरपतहा थाना क्षेत्र के उसरौली गांव निवासी रामनयन अपनी पत्नी सुमित्रा के साथ सर्पदंश के शिकार तीन वर्षीय जिगर के टुकड़े दिव्यांश को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे थे। जिला अस्पताल में दिव्यांश की मौत हो गई।
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पिता अपने मासूम बेटे के शव को घर ले जाने के लिए सरकारी एंबुलेंस की मांग करता रहा, लेकिन कोई ले जाने को तैयार नहीं हुआ। इस बीच जिला अस्पताल में खड़ी एक एंबुलेंस के चालक ने रामनयन से शव घर ले जाने के लिए 18 सौ रुपये की मांग की। गरीब पिता के पास इतने रुपये नहीं थे। लिहाजा बेटे के शव को लेकर रोडवेज बस अड्डा पहुंच गया।
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रोडवेज पर पति-पत्नी बच्चे के शव को लिए बिलख रहे थे। इस बीच रोडवेज चौकी इंचार्ज नियाजी वहां पहुंच गए। चौकी इंचार्ज ने रामनयन से बात की तो वह फफक पड़ा और पूरी बात बताई। चौकी इंचार्ज ने एक रोडवेज बस पर दंपती को उसके बेटे के शव के साथ बैठाकर घर के लिए रवाना किया।
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सूचना पाकर कुछ समाजसेवी संगठनों ने एंबुलेंस भेजी लेकिन तब तक पीड़ित जा चुका था। इस बाबत सीएमएस डॉ. प्रभाकर राय ने कहा कि एंबुलेंस की दिक्कत की जानकारी उन्हें नहीं है। अगर किसी एंबुलेंस चालक ने पीड़ित से पैसे मांगे हैं तो जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।